हाईवे की जद में आए भवनों को ध्वस्त करने पहुंची टीम का विरोध
शामली, झिंझाना। टपराना में हाईवे की जद में आ रहे दर्जनों मकान व दुकानों को तोड़ने पहुंची टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीण बिना मुआवजा मिले दुकान-मकान ध्वस्त न करने देने पर अड़ गए। प्रशासन ने फिर भी खाली पड़े दो मकानों को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया। जगह-जगह जेसीबी से गड्ढे खोदवाकर और ग्रामीणों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देकर अधिकारी लौट गए।
मेरठ-करनाल हाईवे स्थित थाना क्षेत्र के गांव टपराना में सड़क के दोनों ओर हाईवे की जद में कई मकान व दुकान आ रहे हैं। सोमवार को इन भवनों को ध्वस्त कराने के लिए एनएचएआई की टीम पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ पहुंची। टीम के गांव में पहुंचने पर ग्रामीण एकत्र हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि किसी भी दुकान या मकान को बिना मुआवजा दिए नहीं तोड़ने दिया जाएगा। हंगामे के बीच पहुंचे ग्राम प्रधान नौशाद कुरैशी ने भी हाईवे निर्माण टीम व प्रशासनिक अधिकारियों को कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक एक ईंट भी उखड़ने नहीं दी जाएगी।
ग्रामीण मुस्तफा खान ने बताया कि उसका नाम मुआवजा लिस्ट में नहीं है, फिर भी हाईवे निर्माण टीम व प्रशासनिक अधिकारी उन पर दुकान खुद खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है। इस्लाम, इरफान, वाजिद आदि ग्रामीणों की दुकानों व मकानों के बाहर जेसीबी से खोदाई कर बड़े-बड़े गड्ढे करा दिए गए। ग्रामीणों में राशिद, इसरार, प्रमोद आदि ने कहा कि प्रशासन जबरदस्ती कर रहा है। पहले मुआवजे के बारे में आश्वस्त कराएं, वे खुद ही अपनी दुकान व मकान हाईवे की जद से हटा लेंगे।
ग्रामीणों के विरोध के चलते हाईवे निर्माण टीम, ग्रामीणों को एक सप्ताह का समय देकर लौट गई। टीम में शामिल एनएचएआई के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर अजय सिंह ने बताया कि डिवाइडर के बीच से दोनों ओर 51-51 फुट जगह खाली कराई जा रही है। ग्रामीणों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। इस मौके पर नायब तहसीलदार कैराना सचिन वर्मा, राजस्व निरीक्षक संजय शर्मा, लेखपाल मुकेश कुमार, एसआई यूनुस खान आदि मौजूद रहे।
झिंझाना के गांव टपराना में सड़क को नापती एनएचएआई की टीम।- फोटो : SHAMLI