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Shamli News: जोधपुर, जयपुर और बिहार के नवादा से चल रहा ऑनलाइन ठगी का खेल

Sun, 01 Sep 2024 12:58 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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पड़ताल के दौरान साइबर ठग से हुई बातचीत। संवाद
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शामली। टेलीग्राम एप के जरिए घर बैठे रुपये कमाने का झांसा देकर साइबर ठग राजस्थान के जोधपुर, जयपुर, बिहार के नवादा से शामली में ठगी कर रहे हैं। हाल ही के आए मामलों की छानबीन करने पर पुलिस और साइबर सेल की जांच में यह जानकारी सामने आई है। हाल ही में चार नए मामलों की शिकायत साइबर थाना पुलिस के पास पहुंची है। उधर, पड़ताल के दौरान साइबर ठगों ने चंद दिनों में मालामाल बनने का झांसा दिया।
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इस तरह ठगी कर रहे साइबर ठग
एसपी रामसेवक गौतम और साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव भटनागर ने बताया कि कुछ महीनों से टेलीग्राम एप के जरिए जालसाजी हो रही है। इसका खेल सीधे टेलीग्राम से नहीं, बल्कि व्हाट्सएप या दूसरे सोशल मीडिया से शुरू हो रहा। शातिर किसी सुंदर लड़की की प्रोफाइल डीपी लगे हुए नंबर से घर बैठे रुपये कमाने का झांसा दे रहे हैं। इसमें जवाब देते ही पहला टास्क तीन यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने का मिलता है। इसे पूरा करने पर सौ रुपये वर्चुअल वाॅलेट में जमा होने का संदेश मिलता है। उसे निकालने के लिए या अधिक पैसे कमाने के लिए एक टेलीग्राम से जुड़ने के लिए कहा जाता है। टेलीग्राम से जुड़ते ही उसमें कई लोगों का मैसेज दिखता है। कोई कहता है कि आज का मुझे एक लाख रुपये का फायदा हुआ है। कोई अन्य व्यक्ति दूसरी रकम का हवाला देता है।
हर किसी का मुनाफा देखकर लोग झांसे में आ जाते हैं। जानकारी करने पर बताया जाता है कि वर्चुअल वॉलेट में पैसे लगाने पर अच्छा खासा लाभ होगा। जैसे ही आप इस वर्चुअल वॉलेट में पैसे डालते हैं, उसके बाद रकम बढ़कर दिखाई देने लगी है। इससे महसूस होता है कि लगाया हुआ पैसा बढ़ रहा है। उसे जब निकालने का प्रयास करते हैं, तो वह पैसा लॉक हो जाता है। इस तरह से जालसाज ठगी कर लेते हैं।
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ठग बदलते रहते हैं मोबाइल नंबर
एसपी ने बताया कि हाल ही में हुए मामलों की जांच में पता चला है ठगी करने वाले अलग-अलग नंबरों से टेलीग्राम ग्रुप को चलाते हैं। यही नहीं, मोबाइल फोन नंबर भी बदलते रहते हैं। गिरोह के संबंध में अहम जानकारी हाथ लगी है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। हाल ही में भरतपुर के पकड़े गए आरोपी जुबैर ने भी पूछताछ में गिरोह के नए ठिकानों का खुलासा किया है। गिरोह का संचालन करने वाले ठग पांचवीं से लेकर दसवीं तक ही पढ़े हुए होते हैं।
शामली में हाल ही में इनसे की गई ठगी
कांधला निवासी आसिफ, ऊन के रहने वाले कृष्णपाल सिंह, शामली के शेखर कुमार आदि।

साइबर ठगों से संवाददाता की पड़ताल के दौरान कुछ इस तरह से बातचीत हुई
ठग-एक
संवाददाता : सर जी, ऑनलाइन ट्रेडिंग करनी है, क्या करुं
साइबर ठग : कितना करोंगे
संवाददाता : पहले थोड़ा समझाओ तो सही
साइबर ठग : तीन हजार के दस हजार, पांच के पंद्रह हजार मिलेंगे, जल्दी करो
संवाददाता : कैसे करुं
साइबर ठग : मेरे बताए क्यूआर कोड में रुपये भेज देना, आपको तीन गुना रिटर्न आपके बताए खाते में भेज दिया जाएगा
संवाददाता : ठगी तो नहीं होगी
साइबर ठग : आपको मालामाल बना देंगे, वायदा है अपना
संवादादता : कल से शुरू करता हूं।

तीन ग्रुप में संवाददाता को जोड़ा..
साइबर ठग से संपर्क करने के बाद तीन अलग अलग नंबरों से संवाददाता के पास काल आई और दूसरी तरफ से बोलने वालों ने कहा कि तुम्हें ग्रुप में भी एड कर रहे हैं, जल्द ही इनवेस्ट करो, इसके बाद तुम मालामाल हो जाओंगे।


24 घंटे के अंदर शिकायत करने पर 20 लोगों के रुपये लौटाए
पुलिस के अनुसार ठगी होने के चंद मिनटों बाद ही हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने पर साइबर सेल ने हाल ही में जिले के 20 लोगों के रुपये ठगों के पास जाने से बचाए है। खाता होल्ड कराकर रुपये पीड़ित को दिलाए हैं। ठगी होने पर तुरंत बाद शिकायत पीड़ित को करनी चाहिए।
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यहां दें सूचना

साइबर हेल्प लाइन नंबर - 1930

वेबसाइट www.cybercrime.gov.in

पड़ताल के दौरान साइबर ठग से हुई बातचीत। संवाद

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