शामली में कांवड़ लाने के दौरान झूमते हुए चलते कांवड़िये।
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शामली में कांवड़ यात्रा के चलते शहर में वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू कर दी गई है। एक लेन को पूरी तरह कांवड़ मार्ग घोषित किया गया, जबकि दूसरी लेन से वाहन सिर्फ जाएंगे। इस लेन में भी भारी वाहन और रोडवेज बसें मुजफ्फरनगर मार्ग पर एसटी तिराहे से आगे नहीं जाएंगी, उनको सहारनपुर मार्ग से निकाला जाएगा।
जैसे-जैसे शिवरात्रि का दिन नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे हरिद्वार की ओर से आने वाले कांवड़ियों की भीड़ बढ़ती जा रही है। रूट डायवर्जन को पुलिस कई दिन पूर्व लागू कर चुकी है, लेकिन बढ़ती भीड़ के कारण अब सड़क पर वाहनों का चलना दूभर हो गया है। इसी के चलते एसपी के आदेश पर कैराना से मुजफ्फरनगर मार्ग पर वन-वे व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था के चलते हाइवे की एक लेन पूरी तरह कांवड़ियों के लिए रहेगी। गुरुद्वारा तिराहे से आगे शहर में कोई भी ट्रैफिक कांवड़ मार्ग पर नहीं आने दिया जाएग। इस ट्रैफिक को गुरुद्वारा तिराहे से रेलपार बाइपास से डायवर्ट किया जाएगा। पुलिस के अनुसार कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों को एसटी तिराहे से सहारनपुर की ओर डायवर्ट कर दिया जाएगा, ताकि उधर से आने वाले कांवड़ियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो।
मुस्लिमों ने कांवड़ियों के प्रति दिखाई दरियादिली
कैराना। शनिवार को नगर पालिका परिषद कैराना के चेयरमैन हाजी अनवर हसन कस्बा कैराना के पब्लिक इंटर कॉलेज में लगे कांवड़ शिविर में पहुंचे। वहां पर उन्होंने भंडारे में भागीदारी करते हुए कांवड़ियों को छोले, पूरी आदि खाद्य पदार्थ सामग्री खिलाकर हिंदू-मुस्लिम प्रेम भाईचारे व सौहार्द की मिसाल कायम की। चेयरमैन हाजी अनवर हसन ने अपनी ओर से कांवड़ियों के लिए एक क्विंटल दूध देने की घोषणा की तथा कांवड़ सेवा समिति को पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस दौरान चेयरमैन ने कहा कि कैराना हिंदू-मुस्लिम एकता की बानगी रहा है। यहां हिंदू-मुस्लिम एक-दूसरे के दु:ख-सुख में साथ रहते हैं, तो विभिन्न पर्वों को आपस में मिल-जुलकर भी मनाते हैं। यही खासियत है कि कैराना दूर-दूर तक जाना जाता है। इस दौरान उन्होंने कांवड़ियों से बातचीत भी की तथा उनका कुशल क्षेम जाना। वहीं, हाजी अनवर हसन ने पब्लिक इंटर कॉलेज में घूमकर पालिका कर्मचारियों द्वारा कराई गई सफाई व्यवस्था भी जायजा लिया। इसके बाद कांवड़ मार्ग पर यमुना ब्रिज पर साफ-सफाई देखी। उन्होंने पालिका कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस दौरान सभासद शगुन मित्तल, मुरसलीन, गय्यूर, अहसान, पोती, महबूब अंसारी, सोनू के अलावा दानिश चौधरी, तौसीफ सिद्दीकी मौजूद रहे।
हैलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर होगी फूलों की बारिश
शामली। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा करने और कांवड़ यात्रा मार्ग की निगरानी के लिए हैलीकॉप्टर का रूट निर्धारित कर दिया गया है। पुष्प वर्षा और निगरानी का कार्यक्रम पांच से नौ अगस्त तक रखा गया है। पुष्प वर्षा का रूट कैराना यमुना पुल से कैराना कस्बा, शामली शहर से होते हुए बनत कस्बा और मुजफ्फरनगर जनपद की सीमा लालूखेड़ी तक पुष्प वर्षा होगी। वहीं, वापसी में लालूखेड़ी से कस्बा बनत होते हुए शामली शहर में विजय चौक से मेरठ करनाल हाइवे पर गाडीवाला चौराहा होते हुए हरियाणा बॉर्डर बिडौली यमुना पुल तक कांविड़यों पर फूलों की बारिश कराने की योजना है। हेलीकॉप्टर से वर्षा के लिए फूलों की व्यवस्था अलग अलग तहसील स्तर पर कराई जानी है। पांच और छह अगस्त को कैराना तहसील, सात और आठ अगस्त को शामली तहसील तथा नौ अगस्त को ऊन तहसील को फूलों की व्यवस्था करानी है। अपर जिलाधिकारी केबी सिंह ने बताया कि हरिद्वार से कांवड़ ला रहे श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कराई जानी है, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कैराना के विजय सिंह पथिक महाविद्यालय में हैलीपेड रहेगा। वहां से हैलीकॉप्टर में फूल लादे जाएंगे। इसके बाद कांवड़ मार्ग पर पुष्प वर्षा कराई जाएगी। पुष्प वर्षा के साथ ही हैलीकॉप्टर से कांवड़ यात्रा मार्ग की निगरानी भी होगी।