शामली सीएचसी में मरीजो की लगी भीड
शामली। जिले में डेंगू का एक और केस सामने आया है। अब डेंगू के मरीजाें की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। उधर, जिला अस्पताल में एलाइजा रीडर में बार-बार खराबी आने की वजह से सैंपल की जांच नहीं हो रही है, जिससे मरीजों का लक्षण के आधार पर ही उपचार किया जा रहा है।
जिले में वायरल के साथ डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया के केस भी सामने आ रहे हैं। सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी रहती है। इस समय जिस तरह का मौसम बना है। रात में ठंडा और दिन में गरम इस तरह के मौसम डेंगू के मच्छर ज्यादा पनपता है। सितंबर व अक्तूबर महीने में डेंगू बुखार का प्रकोप ज्यादा रहता है। जिले में अब तक एलाइजा जांच में 14 मरीज सामने आए थे। अब एक और मरीज में डेंगू की पुष्टि हुई है। मरीज शामली का रहने वाला है, जिसका उपचार मेरठ में चल रहा है। मेरठ में हुई जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। अब जिले में डेंगू के केस की संख्या 15 हो गई है।
उधर, जिला अस्पताल में एलाइजा रीडर में बार-बार खराबी आने की वजह से मरीजों के सैंपल की एलाइजा जांच नहीं हो पा रही है। सैंपल की जांच रिपोर्ट न मिलने के कारण मरीजों का उपचार लक्षण के आधार पर किया जा रहा है। अस्पतालों में कार्ड की जांच में डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग एलाइजा जांच में पुष्टि होने पर ही डेंगू मानता है। एलाइजा रीडर में खराबी की वजह से सैंपल की जांच भी बाधित हो रही है, जिससे जिले में डेंगू के मरीजों की सही स्थिति का भी पता नहीं चल पा रहा है। ज्यादातर मरीज निजी अस्पतालों में मेरठ, पानीपत, करनाल में उपचार करा रहे हैं।
डेंगू के मरीज मिलने पर गांव में लगेगा शिविर
शामली। शासन की गाइड लाइन है कि अगर किसी गांव में दो-तीन डेंगू के केस सामने आते हैं तो उस गांव में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जांच शिविर लगाया जाएगा। शिविर में बुखार के मरीजों की जांच कर दवा दी जाएगी और लोगों को बुखार से बचाव के लिए जागरूक भी किया जाएगा। साथ ही गांवों में एंटी लार्वा कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया जाएगा। जिला मलेरिया विभाग के प्रयोगशाला सहायक अवधेश वाड़ेकर ने बताया कि जिले में कैराना और यारपुर में स्वास्थ्य शिविर लगाया जा चुका है। जहां पर भी बुखार के मरीज होने की सूचना मिलती है, वहां पर शिविर लगाकर मरीजों को उपचार दिया जा रहा है।