शामली। पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी गांव के जंगल प्रस्तावित नवीन कलेक्ट्रेट कार्यालय भवन निर्माण के लिए अवशेष 5.50 करोड रूपये की धनराशि इसी माह शासन से अवमुक्त होने की संभावना है। लखनऊ मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट की निर्माण एजेंसी राजकीय निर्माण निगम के अफसर बजट अवमुक्त कराने की प्रक्रिया के लिए गए हैं।
पूर्वी यमुना नहर के किनारे गाेहरनी गांव के जंगल में जिला मुख्यालय पर नवीन कलेक्ट्रेट कार्यालय भवन प्रस्तावित है। नवीन कलक्ट्रेट के चार ब्लाकों में कार्यालय भवन तैयार हो गया है। कलेक्ट्रेट निर्माण पर 29.95 करोड रूपये के सापेक्ष 28 करोड़ रूपये खर्च हो चुके हैं। अधूरे कलक्ट्रेट कार्यालय के निर्माण कार्य पूरा करने के लिए डीएम रविद्र सिंह की ओर से री-वाइज इस्टीमेट शासन को भेजा गया है। निर्माण एजेंसी के परियोजना प्रबंधक आर के राजा ने बताया कि नवीन कलेक्ट्रेट कार्यालय भवन निर्माण के लिए बजट चेक करने के लिए उन्हें लखनऊ बुलाया गया है। वह लखनऊ में बजट अवमुक्त के लिए रवाना हो गए । इसी माह लखनऊ से कलेक्ट्रेट कार्यालय निर्माण के लिए अवशेष बजट जारी हो जाने की उम्मीद है।
यूरिया का वजन एक बार फिर घटा,अब 40 किग्रा की आएगी पैकिंग
भाकियू के सवित मलिक ने यूरिया का वजन घटाने का किया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक ने बताया कि यूरिया का वजन एक बार फिर घट गया है। अब यूरिया की 40 किलो की पैकिंग आएगी। उन्होंने बताया कि कमेटी की नई सिफारिशों के मुताबिक अब नीम कोटेड यूरिया 45 किलो आता था, 45 किलो के स्थान पर सल्फर कोटेड यूरिया 40 किलो ग्राम के बैग में आएगी। पुरानी कीमत 266.50 जीएसटी समेत रखी गई है। सभी उर्वरक निर्माता कम्पनियों को इस बाबत पत्र जारी कर दिए गए हैं। मलिक ने यूरिया का वजन घटाने की निंदा करते हुए सरकार के इस निर्णय का विरोध किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से यह फैसला जल्द से जल्द वापस लिए जाने की मांग की है। कहा कि इससे किसानों पर बोझ बढ़ जाएगा।