कृषि विज्ञान केंद्र की भूमि का निरीक्षण करते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
शामली में मेरठ सरदार बल्लभ भाई कृषि विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक अवध नारायण सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने कृषि विज्ञान केंद्र शामली की 8.5 हेक्टेयर हस्तांतरित भूमि पर शामली आकर कब्जा ले लिया है। अधिकारियों ने बताया कि 17 मार्च को शामली समेत वेस्ट यूपी के चार कृषि विज्ञान केंद्र की दिल्ली में आधार शिलान्यास रखेंगे। शिलान्यास समारोह के बाद इसी वित्तीय वर्ष में कृषि विज्ञान केंद्र का बजट एवं पदों को सृजित करके नई तैनाती होने का रास्ता साफ हो जाएगा।
जिला बनने के बाद कृषि विज्ञान केंद्र बघरा (मुजफ्फरनगर) में जाने के बाद ही शामली जिले में नए कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए कवायद शुरू हो गई थी। जलालपुर स्थित कृषि फार्म की भूमि को कृषि विज्ञान केंद्र शामली का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। कृषि मंत्रालय की ओर से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद दिल्ली ने शामली, हापुड़, अमरोहा, संभल, मुुुरादाबाद, बदायूं और मुजफ्फरनगर में नए कृषि विज्ञान केंद्र की स्वीकृति दी गई थी। राज्य सरकार ने भी कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना पर मुहर लगाई थी। केंद्र - प्रदेश सरकार की ओर से एक टीम शामली आकर छह माह पूर्व जलालपुर में कृषि भूमि का निरीक्षण करके मिट्टी का नमूना लेकर गई थी। शासन के निर्देश चार फरवरी को बघरा कृषि विज्ञान केंद्र के निदेशक डाक्टर पीके सिंह ने डीएम इंद्र विक्रम सिंह से मिलकर शामली कृषि विज्ञान केंद्र की भूमि पर हस्तांतरित करने की प्रक्रिया में जुट गए। डीएम ने केंद्र के नाम भूमि हस्तांतरित करने के लिए शामली तहसीलदार राकेश त्यागी को जिम्मेदारी सौंपी थी। तहसीलदार ने जलालपुर कृषि फार्म की 8.5 हेक्टेयर भूमि कृषि विज्ञान केंद्र के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी करके मेरठ के सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक अवध नारायण सिंह का 21 फरवरी का कार्यक्रम निर्धारित कर दिया था। बुधवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के वित्त नियंत्रक अवधनारायण सिंह , निदेशक प्रसार प्रचार एस के सचान, बघरा कृषि विज्ञान केंद्र के निदेशक डाक्टर पीके सिंह, डाक्टर श्रीपाल राणा टीम ने कलक्ट्रेट में डीएम शामली इंद्र विक्रम सिंह से मिले। इसके बाद में मेरठ से आई टीम ने शामली तहसीलदार राकेश त्यागी, कानूनगो, लेखपाल की टीम के साथ जलालपुर गांव में कृषि विज्ञान केंद्र की भूमि का कब्जा लिया। टीम ने शामली तहसील में भूमि खसरा खतौनी रिकार्ड में भी दर्ज कराया।
निदेशक डाक्टर पीके सिंह ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र की भूमि के संबंध में 6-7 फरवरी 2018 को लखनऊ कानपुर में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भूमि हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया था। निदेशक प्रसार एसके सचान ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र मेरठ स्थित सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्व विद्यालय के आधीन है। उन्होंने बताया कि वेस्ट यूपी के सात कृषि विज्ञान केंद्र में से शामली, संभल, अमरोहा, बदायूं कृषि विज्ञान केंद्र की भूमि का हस्तांतरित हो गई है। सभी नए कृषि विज्ञान केंद्रों का दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 मार्च को शिलान्यास करेंगे। कृषि विश्वविद्यालय से उत्तर प्रदेश शासन, कृषि मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद दिल्ली को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसी वित्तीय वर्ष में शामली कृषि विज्ञान केंद्र के लिए बजट मिल जाएगा। बजट के साथ कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों- कर्मचारियो ंकी तैनाती घोषित हो जाएगी।
शामली कृषि विज्ञान केंद्र को मिलेंगे 16 पद
शामली। जलालपुर में प्रस्तावित कृषि विज्ञान केंद्र में 16 पदों की तैनाती की जाएगी। प्रशासनिक भवन, छात्रावास, मिट्टी पानी की जांच के लिए प्रयोगशाला, अधिकारियों, वैज्ञानिकों के आवास का निर्माण होगा। इसके अलावा वैज्ञानिक छह, निदेशक एक, कार्यालय अधीक्षक दो, फार्म मैनेजर एक, कार्यक्रम सहायक एक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दो, चालक दो, कंप्यूटर प्रोग्रामर एक, कंप्यूटर ऑपरेटर एक पद पर तैनाती की जाएगी।