मंडी में ग्राहक के इंतजार में बैठा किसान।
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शामली के कैराना में गोभी उत्पादन करना किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। मंडी में गोभी का दाम चार रुपये किलो पहुंच गया है, जिस कारण किसानों को लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। 20 बीघा भूमि में गोभी की फसल उत्पादन पर करीब एक लाख का खर्च आ रहा है, लेकिन मंडी में गोभी बेचने पर किसान के हाथ में सिर्फ 40 से 45 हजार रुपये ही आ रहे हैं। इस कारण गोभी उत्पादक किसान अपनी किस्मत पर आंसू बहा रहे हैं।
दरअसल, बीते कुछ दिनों से गोभी का दाम एकाएक धड़ाम हो गया। बाजार में फुटकर विक्रेताओं के यहां गोभी आठ से 10 रुपये प्रति किलो बिक रही है, तो मंडी में गोभी का दाम चार से पांच रुपये प्रति किलो तक ही है। इस कारण किसानों को गोभी उत्पादन करने में घाटा हो गया है। शामली जिले में कैराना क्षेत्र में काफी किसान गोभी का उत्पादन करते हैं, जो गोभी के गिरते दाम के कारण चिंता में डूब गए हैं। क्योंकि किसी किसान ने कर्ज लेकर फसल पैदा की, तो फसल काटकर मंडी में बेचने के बाद कर्ज उतारना भी मुश्किल हो गया है।
किसानों से बातचीत
कैराना के मोहल्ला पौवाली निवासी किसान शकील ने भूरा रोड पर 20 बीघा जमीन ठेके पर लेकर गोभी की फसल लगाई थी। 57 हजार का एक किलो बीज खरीद कर फसल बोई थी। इसके अलावा खाद, कीटनाशक और मजदूरी पर करीब 50 हजार रुपये से ज्यादा खर्च हुए। एक बीघा जमीन पर 24 किलो के 60-65 बोरे निकलते है। एक बोरे का दिल्ली का भाड़ा, मजदूरी, बोरे की कीमत 75 रुपये आती है। दिल्ली मंडी में गोभी का बोरा 100 से 120 रूपये तक बिक रहा है। एक बीघा गोभी की फसल पर उसे 2400 से 2500 रुपये ही मिलते है, जबकि लागत करीब पांच हजार रुपये आती है।
गांव मौहम्मदपुर राई निवासी मरगूब ने बताया कि 20 बीघा जमीन पर गोभी की फसल बोई थी। दिल्ली की मंडी में भाव चार रुपये किलो है जबकि कैराना में 6-7 रुपये किलो बिक जाती है। लेकिन यहां की मंडी में ज्यादा गोभी नहीं बिक पा रही है। कई माह की मेहनत के बाद भी उनको गोभी में मोटा नुकसान हुआ है।
मोहल्ला इमाम निवासी महबूब ने बताया कि 50 बीघा जमीन ठेके पर लेकर गोभी की फसल लगाई थी। करीब दो लाख रुपये फसल पर लागत आई, लेकिन दिल्ली की मंडी में भाव नहीं है। वह पिछले दो दिन से गोभी लेकर कैराना मंडी में बेचने आ रहा है, लेकिन दो दिन में भी उसकी गोभी नहीं बिकी।
मोहल्ला अफगानान निवासी ब्रजपाल ने बताया कि उसने रामडा रोड पर चार बीघा खेत में गोभी की फसल लगाई थी। कैराना सब्जी मंडी में गोभी बेच रहा है, मगर गोभी बेचने पर लागत मूल्य भी हाथ नहीं लग रहा है, जबकि भूमि मालिक को ठेके पर ली गई जमीन का पूरा पैसा अदा करना पड़ेगा।