शामली। रिम धुरा के लिए विदेशों में विख्यात शामली और दूसरे जिले के उद्यमियों को रिम की टेस्टिंग के लिए पूणे नहीं जाना पड़ेगा। शामली में रिम की टेस्टिंग कंडेला औद्योगिक क्षेत्र में एक औद्योगिक इकाई में होगी। जापान की तकनीक से निर्मित पांच रोबोट एवं व्हीलस वेल्डिंग का आटोमेटिक सिस्टम आयात किया है। जिससे मध्यम हैवी रिम धुरा की भी टेस्टिंग आसानी से की जा सकेगी।
शुक्रवार सुबह 11 बजे शहर के पानीपत रोड स्थित एक औद्योगिक इकाई में सहारनपुर के मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद, डीएम रविंद्र कुमार सिंह ने आटोमेटिक रोबोटिक वैल्डिंग सिस्टम , स्वयं निर्मित आटोमेटिक टेस्टिंग मशीन, सीएन टूल रूम मशीन का शुभारंभ किया। मंडलायुक्त, डीएम समेत जिला स्तरीय अधिकारियों ने करियर व्हीलस औद्योगिक इकाई का निरीक्षण किया। इस मौके कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं आईआईए के चेयरमैन आशीष जैन ने बताया कि आटोमेटिक व्हील टेस्टिंग मशीन का भारत सरकार से स्वीकृत सेंटर का निर्माण किया गया। पहले टेस्टिंग करियर व्हीलस कंपनी को व्हील पुणे टेस्टिंग सेंटर भेजना पड़ता था। जिसका खर्च तीन से चार लाख रुपये आता था। अब शामली में ही रिम की टेस्टिंग होगी। जिसमें किराया, खर्च की बचत होगी। उन्होंने बताया कि इसी कंपनी को वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया था।
एक माह में तैयार किए जाते हैं 70 हजार रिम
यह औद्योगिक इकाई एक माह में 70 हजार रिम तैयार करती है। कंपनी के डायरेक्टर वरुण जैन, अपूर्व जैन एवं तरुण जैन, मैनेजिंग डायरेक्टर आलोक जैन एवं आशीष जैन ने बताया कि कई अन्य देशों में भी रिम की सप्लाई की तैयारी है। मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद, डीएम रविंद्र कुमार सिंह, एसपी अभिषेक, एडीएम संतोष कुमार सिंह, सहारनपुर मंडल के लघु उद्योग भारती के मंडल अध्यक्ष अनुपम गुप्ता, जिला उद्योग केंद्र की संयुक्त आयुक्त अंजू रानी को शाल ओढ़ाकर पुष्प अन्य पुरस्कार देकर सम्मानित किया। समारोह में आईआईए के पूर्व चेयरमैन अनुज गर्ग, साइमा के चेयरमेन अंकित गोयल, आईआई के संरक्षक अशोक बंसल, आईआईए के पूर्व चेयरमेन वेदप्रकाश आर्य, उद्यमी मोहित जैन, आईआईए के सचिव भारत मित्तल , लघु भारती सचिव रोहित गर्ग, साइमा सचिव अमित जैन आदि ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन शामली लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अंकित गोयल ने किया ।