शामली। अनियमित दिनचर्या, जीवन शैली में बदलाव और फास्ट फूड का सेवन लोगों को बीमार बना रहा है। इसकी वजह से कम उम्र में ही हृदय, ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम, तनाव मुक्त जीवन और सात्विक भोजन करना चाहिए। अगर किसी को कोई परेशानी होती है तो चिकित्सक की सलाह से जांच कर उपचार कराना चाहिए।
प्रत्येक वर्ष सात अप्रैल का दिन विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है ताकि लोग स्वस्थ रहे। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसके साथ ही लोग तनाव मुक्त जीवन जी रहे हैं। इसके अलावा अनियमित जीवन शैली, रात को देर तक जागना व सुबह देर से उठना, खाने का समय निश्चित न होना, फास्ट फूड का सेवन ज्यादा करना, नियमित व्यायाम आदि न करने की वजह से लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. दीपक चौधरी का कहना है कि जीवन शैली में बदलाव व अनियमित दिनचर्या शरीर के सभी अंगों पर प्रभाव डालता है। इसके अलावा सुबह-शाम न टहलना, लोगों से मिलना जुलना न होना, घर में ही रहना और आपस में सुख दुख न बांटने से तनाव व डिप्रेशन होने का खतरा रहता है। लोगों चिड़चिड़ेपन के शिकार हो रहे हैं। इससे हृदय गति रुकने, ब्लड प्रेशर, वजन बढ़ना व मोटापा आदि समस्याएं होती है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक अशोक कुमार का कहना है कि फास्ट फूड, जंक फूड और मैदा आदि से बनी चीजों से पाचन तंत्र बिगड़ता है, जिससे लीवर खराब होने की आशंका रहती है। इसके अलावा लोगों में अल्कोहल व धूम्रपान करना भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उनका कहना है कि लोगों को स्वस्थ रहने के लिए सुबह शाम टहले, नियमित रूप से व्यायाम करें। बाजार में बनी चीजों का सेवन करने से परहेज करें और समय पर घर पर बना भोजन ले। रात को समय पर सोएं और भरपूर नींद ले। सुबह जल्दी उठे और सात्विक भोजन का सेवन करें। इससे सेहत अच्छी रहेगी।