- लाभार्थी अपना आवेदन फार्म जिला समाज कल्याण कार्यालय में करेंगे जमा
- तहसील पर छह-छह माह रखे जाते थे आवेदन लंबित, एसडीएम नहीं करेंगे जांच
- समाज कल्याण विभाग को 45 दिन में कार्य पूरा करके देना होगा लाभार्थी को लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। तहसील स्तर पर पारिवारिक लाभ योजना के पात्र लाभार्थियों की जांच अब तहसील स्तर पर न होकर जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा की जाएगी। जांच करने के बाद 45 दिन के अंदर लाभार्थी को योजना का लाभ दिया जाएगा। इससे लाभार्थी को इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा। उन्हें समय से योजना का लाभ मिलेगा और अब सीधे समाज कल्याण विभाग में ही आवेदन करना होगा।
समाज कल्याण विभाग की ओर से राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना संचालित है। योजना के तहत 59 साल से कम उम्र के घर के मुखिया की मौत के बाद 30 हजार रुपये की मदद की व्यवस्था है। मौत के बाद पत्नियां आवेदन करके योजना का लाभ ले सकती हैं। यदि किसी बच्चे की मौत होती है तो माता-पिता की उम्र 60 साल से अधिक होने की दशा में योजना का लाभ दिया जाता है। अब तक आवेदन के बाद ब्लॉक और तहसील स्तर से जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना से लाभांवित किए जाने की व्यवस्था थी।
पारिवारिक लाभ योजना में संशोधन कर दिया गया है। अब आवेदन समाज कल्याण विभाग में सीधे जमा होगा। विभाग के स्तर से जांच व अन्य औपचारिकताएं पूरी कराकर लाभार्थियों को 30-30 हजार रुपये की सहायता उनके खातों में भेजी जाएगी। यह व्यवस्था के शुरू होने के बाद योजना का लाभ सिर्फ 45 दिनों में मिल जाएगा। अब तक तहसीलों से जांच रिपोर्ट आने में छह-छह माह तक लग जा रहे थे। अब तहसीलों में आवेदन जमा नहीं करने होंगे। सीधे समाज कल्याण अधिकारी- कार्यालय में आवेदन जमा होंगे। लाभार्थियों को अब 45 दिन में लाभ मिल जाएगा।
500 से अधिक लंबित आवेदनों पर जल्द निर्णय
समाज कल्याण विभाग पिछले कई महीने से पारिवारिक लाभ योजना के लिए बजट नहीं दे रहा है। ऐसे में 500 से अधिक आवेदन डंप हो गए। योजना में संशोधन के बाद इन आवेदनों के संबंध में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि नए पोर्टल पर आवेदनों को अपलोड कराकर लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
योजना में संशोधन किया गया है और अभी पोर्टल बंद चल रहा है। पोर्टल खुलने के बाद योजना पर कार्य किया जाएगा। शासन के आदेश के अनुसार कार्य होगा।
- दिनेश चंद गुप्ता, जिला समाज कल्याण अधिकारी