- जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी की अनूठी पहल, सर्पदंश, आकाशीय बिजली और बाढ़ है योजना में शामिल
- लोगों के लिए बारकोड किया जारी, बारकोड को मोबाइल में स्कैन करते ही मिलेगी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले के लोगों की सुविधा के लिए जिला आपदा अधिकारी ने अनूठी पहल की है। इसके लिए बार कोड जारी किया गया है। आपदाओं से होने वाली जनहानि पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से बार कोड तैयार कराया गया है। जिसे किसी भी मोबाइल में स्कैन करते ही आपदाओं, सर्पदंश से बचाव की जानकारी तुरंत मिलेगी। बार कोड को सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नेहा दूबे न बताया कि कई बार देखने में आता है कि जानकारी के अभाव में लोग आपदा प्रबंधन से लेकर अन्य सर्पदंश आदि घटनाओं से बच नहीं पाते हैं। बार कोड से लोगों को आपदाओं से बचाव की जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा अभियान चलाकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लोगों से भी अपील की है कि बार कोड को अधिक से अधिक शेयर किया जाए, ताकि सभी को जानकारी मिल सके।
बार कोड के माध्यम से लोगों को यह दी जा रही जानकारी
सांप द्वारा काटे जाने पर यह बिल्कुल नहीं करें....
: डंक की जगह पर किसी धारदार वस्तु से काटकर या दबाकर जहर को निकालने का प्रयास न करें।
: डोरी या रस्सी कसकर न बांधें।
: गर्म पट्टी का उपयोग न करें।
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यह करें
: दंश को साफ व सूखे कपड़े से ढक दें
: उन्हें शांत और स्थिर रहने के लिए कहें
: सांप के रंग और आकार देखने और याद रखने की कोशिश करें
: घाव को तुरंत साबुन या गर्म पानी से साफ करें
सांप के काटने पर पीड़ित को नजदीकी अस्पताल ले जाए।
सर्पदंश के लक्षण
: तंत्रिका तंत्र जैसे मस्तिष्क पर असर होना, बेहोशी आना, नींद आना, पलकों का भारी होना, सांस लेने में तकलीफ होना, डंक लगने के कारण मसूडों से रक्त आना।
आकाशीय बिजली के दौरान यह करें
- खिड़की के कांच, टिन की छत, गीले सामान और लोहे के हैंडलों से दूर रहें
- बिजली के दौरान यदि पानी मेंं हैं तो तुरंत बाहर निकल जाएं
- सफर के दौरान अपने वाहन में शीशे चढ़ा कर बैठे रहें
- मजबूत छत वाले वाहन में रहें, खुली छत वाले वाहन की सवारी ना करें।