शामली में बरखंडी मार्ग पर लगा राज्यमंत्री सुरेश राणा का बोर्ड।
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शामली के मेरठ-करनाल हाइवे से बनखंडी मोहल्ले को जोड़ने वाली सड़क की विशेष मरम्मत होनी है, जिसका टेंडर तक नहीं छूटा है। मगर, लोक निर्माण विभाग ने इसका बोर्ड लगा दिया गया है, जबकि सड़क की हालत खस्ता है।
इस सड़क की लंबाई करीब 1.250 किलोमीटर है, जो काफी समय से जर्जर हालत में हैं। करनाल की तरफ से शामली शहर में आने वालों के लिए सबसे बेहतर वैकल्पिक मार्ग है। क्योंकि करनाल मार्ग से विजय चौक की तरफ आकर ट्रैफिक जाम में फंसने से बचा जा सकता है। इसी लिहाज से इस मार्ग की महत्ता बढ़ जाती है। लोगों ने इस सड़क को ठीक कराने की मांग की थी।
कुछ दिन पूर्व ही मेरठ करनाल मार्ग पर बनखंडी मोहल्ले की तरफ जाने वाली सड़क पर लोक निर्माण विभाग ने बोर्ड लगा दिया, जिस पर सड़क की विशेष मरम्मत में 29 लाख 69 हजार रुपये खर्च होने हैं। इसके लिए गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा ने लोक निर्माण विभाग से प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भिजवाया और विशेष मरम्मत कार्य को स्वीकृति मिल गई। उधर, अभी तक इस सड़क की विशेष मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग ने टेंडर भी नहीं किया है, लेकिन उससे पहले ही बोर्ड लगा दिया।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता ललित अग्रवाल ने बताया कि विशेष मरम्मत की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। 12 फरवरी को इसके लिए टेंडर छोड़ा जाएगा। टेंडर प्रक्रिया होने के बाद जल्दी ही सड़क का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग हो अथवा दूूसरे विभाग की सड़क के नवीनीकरण, विशेष मरम्मत के साइन बोर्ड लगाने के निर्देश है।
प्रस्तावित कार्य का लग सकता है बोर्ड : अधिशासी अभियंता
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह का कहना है कि किसी भी निर्माण कार्य के प्रस्तावित होने पर परियोजना पर आने वाली लागत, परियोजना में होने वाले कार्य और कार्यदायी संस्था के नाम सहित बोर्ड लगाए जा सकते हैं। मेरठ-करनाल हाइवे से मोहल्ला बरखंडी मार्ग की विशेष मरम्मत के लिए स्वीकृति मिल चुकी है, जिसके प्रस्ताव गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा है। सड़क की विशेष मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
दिखवाया जाएगा क्या है मामला : डीएम
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि उक्त सड़क की विशेष मरम्मत के संबंध में लोक निर्माण विभाग ने किस प्रकार का बोर्ड लगाया है, मुझे जानकारी नहीं है। वैसे प्रस्तावित कार्यों का विवरण बोर्ड लगाया जा सकता है। ताकि लोगों को मालूम रहे कि निर्माण कार्य में क्या क्या होना है और उस पर कितनी धनराशि खर्च होगी। वह दिखवाएंगे कि उक्त सड़क के निर्माण कार्य का टेंडर अभी हुआ है अथवा नहीं।