जिले में 29 दिन बाद नहीं खरीदा गया धान का एक भी दाना
शामली। हरियाणा और आसपास की मंडियों में किसानों को धान के अच्छे रेट मिल रहे हैं। करनाल और पानीपत मंडियों में जिले के किसान अपना धान बेच रहे हैं। इस बार किसानों का धान समर्थन मूल्य से ज्यादा दाम पर बिक रहा है। जिले के सात खरीद केंद्र सूने पड़े हुए हैं। 29 दिन में एक भी दाना धान का नही खरीदा गया है।
जिले में 80 प्रतिशत से ज्यादा धान की फसल कट चुकी है। एक अक्तूबर से जिले के धान के सात खरीद केंद्र खुल चुके हैं। किसान अपना धान हरियाणा प्रांत की करनाल, पानीपत और यमुना नगर, सहारनपुर आसपास की मंडियों में बेच रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा कॉमन धान 2040 और ग्रेड वन धान 2060 रुपये प्रति क्विंटल धान का मूल्य है। मंडियों में 2150 रुपये और बासमती 1509 धान का मूल्य 2700 रुपये लेकर चार हजार रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है।
डिप्टी आरएमओ कमलेश कुमार ने बताया कि जिले में सात खरीद केंद्रों पर एक भी दाना धान का नहीं खरीदा गया है। किसान अपना धान करनाल, पानीपत की मंडियों में अच्छे दाम पर बेच रहे हैं। इसलिए धान खरीद केंद्र सूने पड़े हैं।
- धान खरीद का लक्ष्य हुआ आधा
शामली। डिप्टी आरएमओ कमलेश कुमार ने बताया कि पिछले साल शामली जिले का धान खरीद का लक्ष्य दस हजार क्विंटल शासन द्वारा निर्धारित किया गया था। 31 जनवरी तक धान खरीद का लक्ष्य पूरा हो गया था। इस साल शामली जिले का धान खरीद का लक्ष्य पांच हजार क्विंटल, मुजफ्फरनगर जिले का लक्ष्य 40 हजार क्विंटल दिया गया है।
-सहारनपुर मंडल में दस फीसदी धान की खरीद, शासन से मिला लक्ष्य 275 मीट्रिक टन
शामली। सहारनपुर मंडल के खाद्य नियंत्रक आशीष कुमार ने बताया कि शासन से सहारनपुुुुर मंडल का धान खरीद का लक्ष्य 275 मीट्रिक टन मिला है। सिर्फ दस फीसदी धान की खरीद हुई है। दीपावली से पहले बरसात होने से धान की आवक कम हुई है। नवंबर के प्रथम सप्ताह में खरीद केंद्रों पर धान की आवक बढ़ने की उम्मीद है।