मंडल की गन्ना समितियों में जमा 2.66 करोड़ का नहीं कोई मालिक
शामली। सहारनपुर परिक्षेत्र के 4575 किसानों का 266.87 लाख रुपया गन्ना मूल्य सालों से सहकारी गन्ना समितियों में पड़ा हुआ है। जिसमें सहारनपुर जिले में 1077 कृषकों का 77.31 लाख रुपये, मुजफ्फरनगर जिले में 1074 किसानों का 111.85 लाख रुपये एवं शामली जिले में 2424 कृषकों का 77.71 लाख रुपया शामिल है।
प्रदेश के गन्ना मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण के निर्देश पर गन्ना विकास विभाग, चीनी उद्योग एवं गन्ना आयुक्त ने प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों को सालों से ऐसे गन्ना भुगतान की पड़ताल की जो किसानों को नहीं दिया गया। पड़ताल में सहकारी गन्ना विकास समितियों में गन्ना मूल्य न दिए जाने का मामला उजागर हुआ है। सहारनपुर परिक्षेत्र में पांच से छह सालों से 4575 किसानों का 266.87 लाख रुपये बिना भुगतान का समितियों में पड़ा हुआ मिला। नहीं हुए गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा करने के बाद उप गन्ना आयुक्त दिनेश्वर मिश्रा के निर्देश पर गन्ना किसानों को गन्ना भुगतान दिए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि वर्ष 2015 से लेकर 2020-21 के बीच का नहीं दिया गया गन्ना मूल्य ऐसे किसानों का लंबित है, खातेदार किसान की मृत्यु हो गई है, मृतक किसान अपने वारिसान का नाम दर्ज नहीं करा पाया हो अथवा भूूमि बेचकर चला गया हो। ऐसे किसानों को भुगतान के लिए जिले के गन्ना पर्येक्षकों को निर्देश दिए गए कि वह ऐसे खातेदार किसानों को जानकारी देकर जागरुक किया जाए।
गन्ना मूल्य समितियों में बिना भुगतान हुए गन्ना मूल्य को प्राप्त करने के लिए विधिक वारिस उपलब्ध नहीं है। तो एक माह के अंदर संबधित किसान या उनके वारिसान द्वारा आधार कार्ड, बैंक अकाउंट, गन्ना आपूर्ति प्रमाण पत्र, वारिस प्रमाण पत्र के साथ गन्ना समिति से संपर्क कर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान प्राप्त प्राप्त कर सकते हैं। भुगतान प्राप्त न करने पर पड़ी धनराशि का उपयोग सहकारी गन्ना विकास समिति द्वारा अन्य विकास कार्यों में प्रयोग कर लिया जाएगा। इस धनराशि का उपयोग सहकारी गन्ना विकास समिति द्वारा अन्य विकास कार्यों में प्रयोग कर लिया जाएगा।