शामली। वेस्ट यूपी के अलावा हरियाणा के गुरुग्राम, आगरा, सुल्तानपुर, मुजफ्फरनगर साइबर सेल और बैंक के अधिकारियों ने कई व्यापारियों से लेकर किसान और अन्य लोगों के खाते फ्रीज कराते हुए नोटिस भेजा है। जिससे पीड़ितों में खलबली मची है। पीड़ितों का दावा है कि उन्होंने कभी न तो साइबर ठगी की शिकायत की, न ही किसी के साथ ठगी की। फिर भी उनके खाते क्यों फ्रीज किए गए। पीड़ित अब खातों में लेनदेन शुरू कराने लिए पुलिस और साइबर सेल के अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। शामली के अलावा बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, गाजियाबाद, गुरुग्राम, आगरा आदि जिलों के बैंक अधिकारियों और साइबर सैल ने व्यापारियों, से लेकर आम लोगों को नोटिस जारी करते हुए बैंक खाते सीज करने की जानकारी दी है।
साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव भटनागर, साइबर एक्सपर्ट नवीन कुमार का कहना है कि जांच में सामने आया है कि जिन लोगों के खाते फ्रीज कराए गए हैं, उनके खाते में किसी तीसरे व्यक्ति के माध्यम साइबर ठग के खाते से रुपये ट्रांसफर किए गए हैं हालांकि पीड़ित को उसकी जानकारी नहीं है। कुछ मामलों में ऑनलाइन गेमिंग के आने वाले रुपये भी साइबर ठगों के खाते से लोगों के खातों में पहुंचे हैं, जिसके कारण खाते फ्रीज की प्रक्रिया देशभर में कराई जा रही है।
फ्रीज खातों में ट्रांजेक्शन शुरू कराने को यह करें : साइबर एक्सपर्ट नवीन कुमार के अनुसार यदि किसी के पास खाता फ्रीज होने का नोटिस आया है तो वह घबराएं नहीं। नोटिस पर संबंधित साइबर थाने के एसआई या फिर एएसआई का मोबाइल फोन नंबर लिखा होता है, उससे बात करें और बताएं कि उन्होंने किसी के साथ ठगी नहीं की है, उनके खाते में जो रुपया आया है वह अन्य खाते से आया है और वह उसे वापस करने को भी तैयार है।र