बीते सोमवार को हरिद्वार के चंडीघाट पर हुआ था हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। हरिद्वार में चंडीघाट पर गंगाजल भरते समय बहे मालेंडी गांव निवासी रुद्राक्ष का अभी तक भी सुराग नहीं लगा है। जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए 23 जुलाई को मोहल्ला बड़ी आल निवासी अनुज, मुकेश सैनी, गौरव, सागर, मोनू व मालेंडी निवासी रुद्राक्ष गंगाजल लाने के लिए हरिद्वार गए थे। सोमवार सुबह अनुज व रुद्राक्ष चंडीघाट पर गंगाजल भर रहे थे। इसी दौरान पैर फिसलने पर दोनों गंगा की तेज धारा में बह गए। शोर होने पर मौके पर मौजूद गोताखारों ने गंगा में दोनों की तलाश की तो कुछ समय बाद अनुज को बरामद कर लिया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। काफी प्रयास के बाद भी अनुज के चचेरे भाई रुद्राक्ष का पता नहीं चल पाया है।
बच्चे की मनोकामना लेकर गया था अनुज
अनुज का परिवार भी मूल रूप से मालेंडी का गांव निवासी है। कई वर्ष पूर्व वह शामली आकर मोहल्ला बड़ी आल में रहने लगे थे। अनुज की शादी करीब सात वर्ष पूर्व कोमल से हुई थी, लेकिन अभी तक दंपती को कोई संतान नहीं हुई थी। संतान की मनोकामना लेकर अनुज हरिद्वार गंगाजल लेने गया था। पति की मौत से पत्नी कोमल का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी और मां को बार-बार रोता देख आसपास मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो जाती हैं।