झिंझाना के मदरसा नूरया में जलसे में शामिल कस्बा व देहात के लोग।
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मोबाइल से नई नस्ल बर्बादी के कगार पर : कासमी
शामली, झिंझाना। मदरसा नूरया में बुधवार रात दीनी इजलास का आयोजन किया गया। जिसमें मौलाना मुफ्ती अमजद कासमी ने लोगों को खिताब किया।
जलसे में तकरीर करते हुए मौलाना मुफ्ती अमजद कासमी ने कहा कि मोबाइल कीचड़ की तरह है। काम करना हो कुछ, करने कुछ और लग जाते हैं। इससे हमारे नौजवान कीचड़ में धंसते ही जा रहे हैं। मोबाइल ने नई नस्ल को बर्बादी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। आपस में भाईचारा कायम करो और फसाद न फैलाओ। जुआ और सट्टे से दूर रहो। अपने मां-बाप की खिदमत करो। अपने बच्चों को दुनियावी तालीम के साथ-साथ दीन की तालीम भी जरूर दो। नजरों की हिफाजत करो, क्योंकि नजरें शैतान के तीरों में से एक हैं। अपने पड़ोसी का ख्याल रखो। एक किसान दूसरे किसान की मेड़ न काटे। अमानत में खयानत न करो और झूठ न बोलो। जलसे की निजामत मौलाना आजम ने की। इस मौके पर कारी वकीलुर्रहमान, हाजी रईस, मौलाना गुलफाम, हाफिज अनवर, चेयरमैन नौशाद ठेकेदार, खुर्शीद आलम, सादिक चौधरी, पूर्व चेयरमैन हाजी सरफराज खान, शौकत राना आदि सैकड़ों मुस्लिम समाज के लोग मौजूद रहे।