शामली। शामली में कृष्णा नदी को लगातार प्रदूषित किया जा रहा है। गंदा पानी डालने के कारण कृष्णा नदी प्रदूषित होती जा रही है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुजफ्फरनगर, शामली के अधिकारियों ने जांच में इसके लिए नगर पालिका शामली को जिम्मेदार माना है। कृष्णा नदी को प्रदूषित करने के लिए जिम्मेदार नगर पालिका शामली के ईओ रामेंद्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए विभागीय अधिकारियों ने लखनऊ मुख्यालय रिपोर्ट भेजी है।
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों ने लखनऊ मुख्यालय भेजी रिपोर्ट में बताया कि नगर पालिका परिषद शामली क्षेत्र से गुजर रही हिंडन नदी की सहायक नदी कृष्णा नदी में एक नाले के माध्यम से घरेलू जल, मल से जनित सीवरेज का निस्तारण किया जाता है। वर्तमान में शामली में मौजूद उक्त ड्रेन से साप्ताहिक जल नमूने एकत्र कर विश्लेषण किया जाता है। इससे स्पष्ट है कि ड्रेन के माध्यम से अशुद्धिकृत उत्प्रवाह का निस्तारण नदी में किया जा रहा है। उक्त ड्रेन नगर पालिका परिषद शामली के क्षेत्र में आता है। तथ्यों के आधार पर नगर पालिका परिषद शामली से जनित सीवरेज को बिना शुद्धिकृत किए हिंडन नदी की सहायक नदी कृष्णा नदी में निस्तारित किए जाने के कारण उत्तरदाई संस्था नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रामेंद्र सिंह के विरुद्ध जल अधिनियम 1974 यथा संसोधित की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई किए जाने की संस्तुति की जाती है।
कृष्णा नदी को प्रदूषित करने में नगर पालिका की कोई गलती नहीं है। औद्योगिक क्षेत्र का पानी बिना ट्रीटमेंट के नदी में डाला जाता है। जांच के लिए एक कमेटी भी बनाई गई थी, जिसमें मैं भी सदस्य था। जांच में औद्योगिक क्षेत्र द्वारा ही कृष्णा नदी को प्रदूषित करने की बात सामने आई थी। पानी के ट्रीटमेंट के लिए एक करोड़ 22 लाख रुपये के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को मंजूरी मिल चुकी है। स्थानीय प्रशासन ने जमीन भी उपलब्ध करा दी है मगर सहारनपुर की कंपनी प्लांट का निर्माण नहीं कर रही, जिसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
-रामेंद्र सिंह, ईओ नगर पालिका शामली