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Shamli News: मुगलकालीन नवाब तालाब अपनी बदहाली पर बहा रहा आंसू

Sat, 23 Sep 2023 12:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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कैराना। पानीपत रोड से 200 मीटर अंदर 16वीं शताब्दी में बना मुगलकालीन नवाब तालाब अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। तालाब का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है। मुगल सम्राट जहांगीर द्वारा कर्ण नगरी कैराना में बनवाया गए नवाब तालाब के चारों और गंदगी फैली है।
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16वीं शताब्दी में मुगल सम्राट जहांगीर के समय में कर्ण नगरी कैराना में 140 बीघा जमीन पर बनाए गए प्राचीन नवाब तालाब का आज केवल नाम ही बचा है। 400 साल पुराना नवाब तालाब का अस्तित्व खत्म होता जा रहा है। तालाब के चारों और गंदगी के ढेर लगे हैं। तालाब का पानी भी काला हो गया है। तालाब के अंदर ही जगह-जगह पानी कम होकर घास उग आई है। तालाब की बाउंड्री पर लोगो ने उपले पाथ रखे है। तालाब के पश्चिम में बना महल रख रखाव के अभाव में पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो गया। इसके अंदर कुछ गरीब परिवार रह रहे हैं।

तालाब के सुंदरीकरण के लिए स्व. हुकुम सिंह ने उठाया था बीड़ा
कैराना। कई बार प्राचीन तालाब के सुंदरीकरण की मांग भी उठी। भाजपा के दिग्गज नेता स्व. सांसद बाबू हुकुम सिंह ने भी नवाब तालाब के सुंदरीकरण की पहल की थी। 2014 में हुकुम सिंह के प्रयासों से तत्कालीन डीएम एनपी सिंह ने नवाब तालाब का निरीक्षण करने के बाद पर्यटन के लिए विकसित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन मामला फाइलों में ही दब कर रह गया।
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नवाब तालाब का इतिहास

सम्राट अकबर की मौत के बाद 1605 में मुगल सम्राट जहांगीर ने शासन की बागडोर संभाली थी। बड़े बुजुर्ग बताते हैं कि पहले तालाब के किनारे भव्य बगीचा था। तालाब के पश्चिम में एक महल था, जो अब खंडहर में बदल गया। दूर दराज से लोग यहां घूमने के लिए आते थे। तालाब के बीच में 22 गज का चबूतरा था जिसे सुफ्फा-ए-माहताबी कहा जाता था। सम्राट जहांगीर ने अपनी पुस्तक तुजुक-ए-जहांगीरी में लिखा कि उन्होंने बचपन में कुछ दिन कैराना में बिताए। सम्राट जहांगीर ने हकीम नवाब मुकर्रम खां के इलाज करने से खुश होकर उन्हें नवाब तालाब बनवाने के लिए दे दिया था। डीएम रविंद्र सिंह का कहना है कि तालाब का सुंदरीकरण कराया जाएगा। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से जानकारी हासिल की जाएगी।
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पर्यटन के रूप में विकसित करने की मांग

अली अब्बास ने बताया कि सरकार को प्राचीन नवाब तालाब की सफाई करा कर यहां पर्यटन स्थल बनाए। तालाब चारों और गंदगी व अवैध कब्जे है।

राकेश वर्मा ने बताया कि नवाब तालाब इतिहास की धरोहर है। सरकार की अनदेखी के कारण मुगलकालीन नवाब तालाब खत्म होता जा रहा है।

विशाल शर्मा ने बताया कि नवाब तालाब का पानी तक काला हो गया है। यहां पर गंदगी डालने पर जुर्माना लगना चाहिए। इसका सुंदरीकरण होना चाहिए।

आरिफ चौधरी ने बताया कि यहां पर तालाब की साफ सफाई कराने के साथ ही तालाब के किनारे खंडहर नुमा महल को पर्यटन स्थल बनाना चाहिए।
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