फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: कुख्यातों से ज्यादा पुलिस पर साइबर ठग पड़ रहे भारी

विज्ञापन
विज्ञापन
- एक साल में हत्या और लूट की 41 घटनाओं के सापेक्ष साइबर क्राइम के 59 मामले दर्ज हुए
विज्ञापन

- हर रोज ठगी के नए-नए तरीके निकाल रहे ठग, अब बाहरी जिलों से साइबर एक्सपर्ट को बुलाएंगे एसपी
महबूब अली

शामली। जिला पुलिस इतनी हत्या और लूट की वारदातों से परेशान नहीं है, जितनी साइबर ठगों से है। एक साल की यदि बात की जाए तो हत्या के 15 और लूट के 26 मामले दर्ज किए गए , जबकि साइबर ठगी के 59 मामले एक साल के अंदर दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि, पुलिस ने 47 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई है। बदमाशाें से ज्यादा पुलिस के लिए साइबर ठग सिरदर्द बने हुए हैं। आए दिन नए-नए तरीके निकालकर साइबर ठग जिले के पढ़े लिखे लोगों को भी ठगी का शिकार बना रहे हैं। इस पर अमर उजाला की पड़ताल......

केस -एक
साइबर एक्सपर्ट विकास के अनुसार, साइबर ठग खुद काे साेनू, माेनू, शर्मा जी, मुनीम जी, अंकल जी कहकर लाेगाें के पास काॅल करते हैं। इसके बाद खुद की मां या परिवार के अन्य सदस्याें के बीमार हाेने की बात कहते हुए अपने खाताें में रुपये डलवा लेते हैं। हाल ही में कांधला का साोहनवीर और मनोज भी गिरोह का शिकार हुए हैं।
विज्ञापन


केस -एक
पुलिस ने हाल ही में एक कंपनी में नाैकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के अतुल समेत दो काे गिरफ्तार किया था। आरोपी साेशल मीडिया के माध्यम से युवाओं काे टेलीकॉम कंपनी में नाैकरी लगवाने का झांसा देकर चंगुल में फंसाते थे। शहर मनीष और सुमन बाला से 50 हजार की ठगी गिरोह ने की थी।



केस -3
अनाज मंडी के पास रहेन वाले अनुराग की पत्नी से कौन बनेगा करोड़पति में लाटरी निकलने का झांसा देकर डेढ़ लाख की ठगी कर ली गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

केस -चार

झिंझाना के तैय्यब ने पुलिस से शिकायत करते हुए बताया कि उसके मोबाइल में रिचार्ज नहीं हाे पाया था। जिस पर उसने गूगल पर दिए एक नंबर पर कस्टमर केयर का नंबर समझ काॅल की। काॅल करने वाले ने उसके माेबाइल में एनी डेस्क नामक एप्लीकेशन डाउनलाेड कराया । इसके बाद ओटीपी मांगा तथा उसके खाते से करीब 50 हजार रुपये निकाल लिए।
विज्ञापन





साइबर ठगाें से ऐसे बचें

1. मोबाइल में भूलकर भी एनी डेस्क एप डाउनलोड न करें। यह एप आपके मोबाइल फोन की एक्सेस दे देती है।

2. मोबाइल पर कोई लिंक मैसेज आता है तो डाउनलोड न करें।

3. गूगल पर मिले नंबर की जांच अवश्य कर लें

4. दोस्त, रिश्तेदार कहकर कॉल करने वालों की जांच अवश्य कर लें।
5. ठगी होने पर टोल फ्री नंबर 1930 पर तुरंत डायल करें
वर्जन............
किसी भी अज्ञात व्यक्ति पर बिना जांचे परखे विश्वास ना करें और ना ही अपनी विश्वसनीय जानकारी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा करें। कई साइबर अपराधियाें काे सलाखाें के पीछे पहुंचाया गया है, जबकि जल्द ही अन्य भी सलाखाें के पीछे हाेंगे। बाहरी जिलों से भी जल्द ही साइबर एक्सपर्ट शामली पहुंच जायेंगे। - अभिषेक, एसपी शामली
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें