शामली। एनएचएआई के सक्षम प्राधिकारी एवं परियोजना निदेशक के फर्जी चेक तैयार कर एनएचएआई के खाते से 4.41 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के मामले में पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं। राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, हरियाणा और यूपी के गैंग ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। यही नहीं, गिरोह के सदस्य एक दो नहीं बल्कि तीन बार रुद्रपुर की बैंक शाखा में चेक लेकर रुपये ट्रांसफर कराने के लिए पहुंचे थे। शामली पुलिस ने जल्द गिरोह का भंड़ाफोड़ करने का दावा किया है।
एनएचएआई के खाते से 4.41 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के मामले की जांच शामली पुलिस, साइबर सेल और उत्तराखंड के रुद्रपुर की पुलिस कर रही है। पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्यों ने कलर पेपर में प्रिंटिंग मशीन से फर्जी चेक छापे थे। जिसके बाद रुद्रपुर के बैंक अधिकारियों से मिलीभगत की और गिरोह के सदस्य रुपये ट्रांसफर कराने के लिए 27 और 28 अगस्त और इसके बाद 2 सितंबर को रुद्रपुर की बैंक शाखा में गए थे, जहां पर बैंक के कर्मचारियों से भी बात की थी।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज इस बात गवाही दे रहे हैं। रुपये ट्रांसफर होने के बाद गिरोह के सदस्यों ने चंडीगढ़ के एक बैंक शाखा से भी दो बार रुपये निकलवाए थे। गिरोह में भरतपुर के शामिल एक आरोपी नकली चेक छापना जानता है, उसी के सहयोग से चेक तैयार किए गए थे।
पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि गिरोह में वेस्ट यूपी के अलावा राजस्थान के भरतपुर, जयपुर और हरियाणा के भी कुछ शातिर शामिल रहे हैं। शातिर, किन-किन जिलों के है, इसका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। गिरोह में शामिल आरोपी 24 से लेकर 40 साल तक के हैं। एसपी शामली रामसेवक गौतम का कहना है कि गिरोह के संबंध में अहम जानकारी हाथ लगी है। जल्द ही गिरोह का पूरी तरह से भंडाफोड़ कर दिया जाएगा। संवाद
चंद मिनटों में ट्रांसफर कर दिए रुपये, नियम का भी पालन नहीं किया
एसपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि धनराशि के फर्जी चेकों का भुगतान करने में बैंक के कर्मचारियों ने रिजर्व बैंक के नियमों का भी पालन नहीं किया। बैंक ने न तो एनएचएआई के अधिकारियों और न ही अन्य से रुपये ट्रांसफर करने से पहले कोई जानकारी हासिल की। पांच से दस मिनट के अंदर ही रुपये अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए।
चंडीगढ़ और रुद्रपुर जाएगी शामली पुलिस
गिरोह के बारे में अन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए जल्द ही शामली पुलिस रुद्रपुर और चंडीगढ़ जाएगी। क्योंकि चंडीगढ़ की बैंक शाखा से गिरोह द्वारा रुपये निकालने की बात सामने आई है। जल्द ही गिरफ्तार बैंक मैनेजर और कैशियर को भी पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सकती है।
यह है मामला
दिल्ली-देहरादून हाईवे के खाते से चार करोड़ 41 लाख 52 हजार 200 रुपये की धनराशि नानकसर इंफ्रा के नाम से रुद्रपुर के इंडसइंड बैंक से अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी गई थी। चेकों पर एनएचएआई के परियोजना निदेशक और अन्य के हस्ताक्षर किए गए थे। जबकि रुद्रपुर के अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर भी रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इस मामले में पुलिस ने बैंक के मैनेजर देवेंद्र सिंह और बैंक कैशियर महिला प्रियम सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। कंपनी और गिरोह के फरार सदस्य पुलिस की पकड़ से बाहर है। शामली पुलिस इस मामले में खाता होल्ड कराकर सारी रकम एनएचएआई को वापस दिला चुकी है।