- भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए सरकार ने उठाया कदम, शासन ने जारी किए आदेश
- जनपद में दो हजार के करीब मजदूरों को पंचायतों में मनरेगा योजना में दिया जा रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मनरेगा योजना में पनप रहा भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए अब मजदूरों को ऑनलाइन हाजिरी लगानी होगी। मजदूरों के ऑनलाइन हाजिरी लगने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और मजदूरों का रिकार्ड भी ऑनलाइन रहेगा। मजदूरों को उनकी हाजिरी के अनुसार ही पैसा खाते में भेजा जाएगा।
मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार थम नहीं रहा है। फर्जी मजदूर दर्शाकर मजदूरी का पैसा तक दे दिया जाता है। मनरेगा योजना में कई फर्जी कार्य कराने के मामले में भी सामने आते रहते हैं। जब मनरेगा योजना की लोकपाल व सोशल ऑडिटर जांच करते हैं तो काफी घालमेल मिलता था। इसको देखते हुए शासन ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। मनरेगा योजना में जितने भी मजदूरों को कार्य दिया जाएगा उन्हें कार्य शुरू करने से पहले ऑनलाइन हाजिरी लगानी होगी। इसके बाद उन्हें मजदूरी पर भेजा जाएगा। उनकी हाजिरी लगाने की जिम्मेदारी पंचायत सचिव व पंचायत सहायक को सौंपी गई है। वह मजदूरों को हाजिरी लगाने के लिए पंचायत कार्यालय पर उपस्थित रहेंगे। शासन ने जारी आदेश में कहा कि मनरेगा मजदूरों को हाजिरी के अनुसार ही मजदूरी दी जाए और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। मजदूरों की हाजिरी लगाए बिना ही उनको मजदूरी दी तो संबंधित सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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बीस मजदूरों पर रखी जाएगी महिला मेट
शासन ने आदेश दिए है कि जिस ग्राम पंचायत में एक कार्य पर बीस मजदूर लगे हैं तो वहां एक महिला मेट को रखा जाए। महिला मेट स्वयं सहायता समूह से होगी। महिला मेट को मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी लगानी होगी। इसके लिए उसको मनरेगा मजदूरी के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।
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दो हजार मजदूर कर रहे हैं कार्य
जनपद में दस हजार मजदूरों को जॉब कार्ड दिए गए हैं और वर्तमान में दो हजार के करीब मनरेगा योजना में कार्य कर रहे हैं। मनरेगा योजना में अधिक से अधिक मजदूरों को कार्य देने के लिए उनको जागरूक किया जा रहा है।
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पंचायत सचिवों व पंचायत सहायक को मनरेगा मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी लगाने के लिए आदेश जारी कर दिया गया है और वह योजना को सफल बनाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।
- शंभूनाथ तिवारी, सीडीओ शामली।