शामली। पुलिस का नाम आते ही लोगों के सामने खाकी का नकारात्मक चेहरा नजर आता है। समन्वय की कमी और जागरुकता का अभाव इसकी बड़ी वजह हैं। हालांकि, अब यह स्थिति बदली और पुलिस सहयोगी के रूप में काम कर रही है। पुलिसकर्मी दूत बनकर ‘यमराज’ को वापस यमलोक भेज रहे हैं। या यूं कहें कि डायल 112 हेल्पलाइन के जरिए पुलिसकर्मी लोगों की जान बचा रहे हैं। जिले में तीन साल में 29 लोगों को आत्महत्या करने से रोका है।
यूपी में 26 अक्तूबर 2019 को आपात सेवाओं को एकीकृत किया गया था। यानी, डायल 112 पर पुलिस के साथ फायर सर्विस, एंबुलेंस, वूमेन हेल्पलाइन आदि मदद मिलती हैं। पिछले तीन साल में सोशल मीडिया पर जिले के कुछ लोगों ने आत्महत्या करने की पोस्ट डाली। पुलिस की सक्रियता ने महज 15 मिनट में मौके पर पहुंचकर उन्हें बचा लिया। इसी तरह परिजनों से भी उनकी सुलह कराने में अहम भूमिका निभाई। सतर्कता के साथ काम करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने की योजना बनाई जा रही है। इस बाबत शीर्ष अधिकारियों ने रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी है।
सामने आए कुछ मामले
केस-1
30 सितंबर को नौकरीपेशा युवक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली। कहा कि पिछले कुछ समय से वह टेंशन में हैं, इसलिए एक घंटे के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेगा। पुलिस ने जैसे ही पोस्ट को देखा तो मौके पर पहुंची तथा आत्महत्या से पूर्व ही युवक की जान बचा ली।
केस-2
20 अगस्त को शामली की एक महिला द्वारा घर के अंदर ही फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एक महिला चुनरी का फंदा लगाकर पंखे से लटकने वाली थी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर महिला की जान बचाई। पुलिस यदि दो मिनट भी देरी से पहुंचती तो महिला की जान जा सकती थी।
केस-3
कांधला निवासी एक प्राइवेट शिक्षक ने कुछ लोगों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर आत्महत्या करने के संबंध में पोस्ट शेयर की। जिस पर पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तथा शिक्षक को आत्महत्या करने से बचाया। शिक्षक की दूसरे पक्ष से भी सुलह कराई। शिक्षक पर दूसरे पक्ष के उधार दिए गए रुपये थे।
केस-4
कैराना की एक महिला परिजनों से विवाद के बाद ट्रेन से कटकर आत्महत्या करने के लिए जा रही थी। सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची। किसी तरह महिला को समझाकर उनके परिजनों से मिलवाया।
ये चार मामले केवल बानगी मात्र है। वर्ष 2020 से लेकर अब तक डायल 112 पुलिस जिले में 29 लोगों की जान बचा चुकी है, जिनमें तीन छात्र भी शामिल हैं।
जिले में डायल 112 की स्थिति
चार पहिया जीप की संख्या : 26
दुपहिया वाहन : 14
गाड़ियों पर तैनात पुलिस कर्मचारियों की संख्या : 330
15 मिनट में मौके पर पहुंचती है
पुलिस के अनुसार, सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम को 15 से लेकर 20 मिनट में मौके पर पहुंचना होता है। की गई कॉल सीधे लखनऊ पहुंचती है। लखनऊ से कॉल आते ही, जो भी गाड़ी नजदीक होती है, उसे घटनास्थल पर भेज दिया जाता है। एसपी के अलावा एएसपी, सीओ भी समय-समय पर गाड़ी का निरीक्षण करते हैं, ताकि लापरवाही न हो
जान बचाकर सुकून मिलता है...
इंस्पेक्टर अजयवीर सिंह, सिपाही राहुल, विजय का कहना है कि हाल ही में कुछ लोगों को पुलिस ने आत्महत्या करने से बचाया है। जान बचाने के बाद मन को जो संतुष्टि और सुकून मिलता है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। पीड़ित के परिवार के लोगों को भी खुशी होती है। यही कारण हे कि सोशल मीडिया की मॉनटरिंग के लिए अलग से टीम काम कर रही है, जो लोगों की आत्महत्या संबंधी पोस्ट डालते ही तुरंत ही सूचना देती है।
डायल 112 पर तैनात चालक, कमांडर और सब कमाडंर आत्महत्या का प्रयास करने वाले लोगों की जान बचाने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। पिछले कुछ समय में जान बचाने वाले 10 पुलिसकर्मियों को जल्द ही सम्मानित किया जाएगा।
- अभिषेक, एसपी शामली