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पालिका के तीन सभासदों ने एडीएम को सौंपा पत्र, जांच की मांग

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संवाद न्यूज एजेंसी
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शामली। नगर पालिका की चेयरपर्सन और 17 सभासदों के सामूहिक त्यागपत्र सौंपे जाने के अगले दिन बुधवार को तीन सभासदों ने डीएम के नाम एडीएम को पत्र सौंपा। इन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सभासदों ने पालिका के अधिशासी अधिकारी पर दबाव बनाने के लिए त्यागपत्र दिया है। उन्होंने इस प्रकरण की जांचकर त्यागपत्र स्वीकार करने की मांग की।
नगर पालिका की चेयरपर्सन अंजना बंसल के पति पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल ने 17 सभासदों के हस्ताक्षरयुक्त त्यागपत्र मंगलवार को डीएम जसजीत कौर को सौंपा था। पूर्व विधायक का कहना था कि पालिका में भ्रष्टाचार को लेकर उन्होंने कई बार प्रशासन से शिकायत की परंतु कार्रवाई नहीं हुई। इससे पालिका की छवि धूमिल होने से चेयरपर्सन अंजना बंसल व 17 सभासदों ने सामूहिक त्यागपत्र दिया है। डीएम ने इस मामले की जांच एडीएम संतोष कुमार सिंह को सौंपी है।
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वहीं, बुधवार को नगर पालिका के वार्ड 16 से अनिल उपाध्याय, वार्ड पांच से राजीव गोयल और वार्ड 23 से निशी रानी ने कलक्ट्रेट में डीएम के नाम एडीएम को पत्र सौंपा। इन्होंने आरोप लगाया कि पालिका बोर्ड के कुछ सदस्यों ने अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र सिंह पर अवैध कार्य कराने का दबाव बनाने के लिए त्यागपत्र दिया है। इससे पालिका में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसकी शिकायत कई बार पूर्व में की गई। इन सभासदों ने कहा कि पालिका में कर्मचारियों द्वारा मांगों को लेकर हड़ताल जारी है। बोर्ड ने जनसमस्या को देखते हुए हड़ताल खत्म का प्रयास न कर स्वार्थ के लिए सामूहिक त्यागपत्र दिया है। उन्होंने डीएम से प्रकरण की जांच कराकर त्यागपत्र मंजूर करके पालिका को भ्रष्टाचार मुक्ति दिलाने की मांग की।
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दुकानों की नीलामी प्रक्रिया निरस्त करने की मांग
सभासद अनिल उपाध्याय, राजीव गोयल व निशी रानी ने एडीएम को दिए पत्र में बताया कि चेयरपर्सन अंजना बंसल की तरफ से सभासदों को कुछ दुकानों की 22 सितंबर को प्रीमियम नीलामी के संबंध में पत्र जारी किए गए हैं। पालिका में हड़ताल के चलते कोई मुनादी या प्रचार-प्रसार नहीं हुआ है। इनमें हाजीपुरा नाला पटरी स्लॉटर हाउस के सामने तीन दुकानों की भी नीलामी होना अंकित है। ये दुकानें जहां बनी हैं, उनके बराबर में नाला है। नाला सिंचाई विभाग का है। दुकानें नाला पटरी पर बनी होने से सिंचाई विभाग को नीलामी का अधिकार है। पालिका को उनकी नीलामी का अधिकार नहीं है। उन्होंने इन दुकानों की नीलामी निरस्त कराने की मांग की।
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