-धार्मिक स्थलों को विकसित करने के लिए पर्यटन की बनाई सर्किट योजना
विकास की बात
संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो समाचार
शामली। उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति 2022 में जिले का हनुमान धाम, इस्सोपुरटील और थानाभवन क्षेत्र का जस्सू वाला मंदिर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होंगे। जिससे जिला देश भर में पर्यटन के नक्शे में उभर कर आएगा।
प्रदेश की नई पर्यटन नीति में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव है। जिसमें पूरे प्रदेश को रामायण सर्किट, कृष्ण बृज, बुद्धिस्ट, बुंदेलखंड, महाभारत, शक्ति पीठ, अध्यात्मिक, सूफी कबीर, जैन सर्किट बनाए गए हैं। जिले के हनुमान धाम, थानाभवन क्षेत्र के जस्सू वाला मंदिर और इस्सोपुरटील को शामिल किया गया है। इसी प्रकार शक्ति पीठ सर्किट में सहारनपुर जिले की मां शाकंभरी देवी, जैन सर्किट में मेरठ का हस्तिनापुर, मुजफ्फरनगर का वहलना, बड़ौत, बागपत, महाभारत सर्किट में मेरठ का हस्तिनापुर, बागपत का बरनावा, बिजनौर की विदुर कुटी को शामिल किया गया है।
शासनादेश के मुताबिक इन पर्यटन स्थलों में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों प्रदेश में आकर्षित करने के उद्देश्य, लाभकारी रोजगार या स्वरोजगार के लिए पर्यटन विशिष्ट कौशल विकास और निर्माण के लिए विशेष परियोजना लागू की जाएगी।विशेष सचिव अश्वनी कुमार पांडे और प्रमुख सचिव शासन का 27 मार्च 2023 का शासनादेश जिला मुख्यालय पहुंच गया है।
सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने बताया कि पर्यटन नीति 2022 के तहत शामली के श्री हनुमान धाम के तालाब का सुंदरीकरण का 50 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसी प्रकार थानाभवन क्षेत्र के जस्सू वाला मंदिर और पयर्टन हाट में इस्सोपुरटील का प्रस्ताव पर्यटन विभाग के माध्यम से शासन को गया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन की पर्यटन नीति 2022 के तहत डाक बंगला, गेस्ट हाऊस को पीपीपी माॅडल के तहत सुंदरीकरण की योजना है। योजना के तहत जसाला में डाक बंगला है। उद्यमी और व्यापारी जसाला डाक बंगला को होटल या रेस्टोरेंट के रूप में विकसित कर सकते हैं। पर्यटन हाट के तहत जिले के उत्पाद का महिला समूह, ओडीओपी और दुकान लगाकर स्वरोजागार को बढावा दे सकते हैं।
पर्यटन योजना में नाम होता है शामिल, धनराशि नहीं मिलती
श्री हनुमान धाम के प्रधान सलिल द्विवेदी का कहना है कि हनुमान धाम को पहले भी पर्यटक योजना में शामिल किया गया था। एक साल पहले भी तालाब के सुंदरीकरण का प्रस्ताव शासन को गया था। शासन से विकास योजना की धनराशि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।