- आरके कॉलेज के प्राचार्य पर लगे कार्यशैली संतोष जनक न होने समेत कई आरोप
- आरोपों की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। आरके पीजी कॉलेज शामली की प्रबंध समिति के सचिव उमेश सिंह ने मंगलवार को प्राचार्य प्रो. सत्येंद्र पाल को निलंबित कर दिया। एक माह पहले प्रबंध समिति की हुई बैठक में प्राचार्य की कार्यशैली संतोषजनक न होने का आरोप लगाते हुए निलंबित करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था। उधर, प्राचार्य का कहना है कि विश्वविद्यालय के वीसी के अनुमोदन के बिना प्रबंध समिति को निलंबित करने का अधिकार नहीं है।
आरके पीजी कॉलेज शामली में आयोग से चयनित प्रो. सत्येंद्रपाल ने आठ अगस्त 2022 को प्राचार्य का पदभार ग्रहण किया था। कॉलेज की प्रबंध समिति के सचिव उमेश सिंह ने प्राचार्य प्रो. सत्येंद्रपाल को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि प्राचार्य का कार्यभार कॉलेज के वरिष्ठ प्रोफेसर अरविंद कुमार को हस्तगत कराने को कहा गया है। प्राचार्य पर निलंबन में लगाए गए आरोपों की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है।
समिति में अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र वर्मा, ज्ञानेंद्र मलिक, धीरजपाल सिंह और प्रो. अरविंद कुमार को शामिल किया गया है। सचिव ने प्राचार्य को पत्र लिखा है कि निलंबन की अवधि में रोजाना बायोमैट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज करेंगे और पुस्तकालय में बैठेंगे। सचिव उमेश सिंह ने बताया कि पिछले महीने 22 जनवरी को प्रबंध समिति की बैठक हुई थी, जिसमें प्राचार्य की कार्यशैली संतोषजनक नहीं होने और आचरण गरिमा के अनुरूप न होने और अपने पद के प्रति लापरवाह होने के आरोप लगा था। जिस कारण प्राचार्य को निलंबित कर वरिष्ठ प्राध्यापक को प्राचार्य का कार्यभार हस्तगत कराने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था। प्रबंध समिति के निर्णय के चलते प्राचार्य को निलंबित किया गया है।
उधर, कॉलेज प्राचार्य प्रो. सत्येंद्रपाल का कहना है कि निलंबन करने का मामला उनकी जानकारी में नहीं है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय के वीसी के अनुमोदन के बिना प्रबंध समिति को निलंबित करने का अधिकार नहीं है।