शामली। विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह के साथ ही चल रहे दस्तक अभियान में स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर मरीजों की तलाश करने में लगी है। खास बात ये है कि अभियान के पहले सात दिन की जारी रिपोर्ट में स्वास्थ्य टीमों ने 124689 घराें पर दस्तक दी। इस दौरान मलेरिया बुखार का कोई मरीज नहीं मिला और न ही कहीं पर मलेरिया का लार्वा पाया गया। हालांकि बुखार के सबसे ज्यादा 95 मरीज पाए गए। इसके अलावा नजला व खांसी के 68 मरीज मिले हैं।
शासन के निर्देश पर 11 जुलाई से दस्तक अभियान चल रहा है। यह अभियान 31 जुलाई तक चलेगा। इस अभियान में जिले की आशा और आंगनबाड़ी की टीमें घर-घर जाकर मरीजों की तलाश कर रही है। इसके साथ ही घरों में कूलर, फ्रीज की ट्रे व अन्य स्थानों पर इकट्ठा हुए पानी में लार्वा आदि की भी जांच कर रही है। अभियान के पहले आठ दिन यानि 11 से 17 जुलाई तक की जारी रिपोर्ट में 124689 घरों में दस्तक दी। इन घरों में कहीं पर भी मलेरिया का लार्वा नहीं पाया गया। हालांकि बुखार के सबसे ज्यादा 95 मरीज मिले हैं। इनमें 78 मरीजों की जांच कराई गई, लेकिन इनमें किसी मरीज में मलेरिया बुखार की पुष्टि नहीं हुई। अभियान के दौरान नजला व खांसी के 68 मरीज पाए गए। इसके अलावा तीन क्षय रोगी और दो कुपोषित बच्चे मिले हैं। 42 घरों में नमी पाई गई, जहां पर मच्छर प्रजनन होने की संभावना मिली। स्वास्थ्य टीमों ने लोगों को बुखार व अन्य रोगों के बारे में जानकारी देते हुए बचाव के तरीके बताकर जागरूक किया।
जिला मलेरिया अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि दस्तक अभियान में अभी तक मलेरिया बुखार का मरीज सामने नहीं आया है और न ही किसी घर में मलेरिया का लार्वा पाया गया। सबसे ज्यादा बुखार के 95 और नजला खांसी के मिले 68 मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य टीमों द्वारा घर-घर जाकर मरीजों की तलाश करने के साथ ही लोगों को बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।