संवाद न्यूज एजेंसी
कांधला। हिंदी साहित्य के क्षेत्र में कस्बा कांधला की साहित्यकार डॉ. शिखा कौशिक ने एक बार फिर जिले का नाम रोशन किया है। उन्हें विधि भारती परिषद द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर दिल्ली के हिंदी भवन में आयोजित भारत के रेमन मैग्सेसे अवार्डी पर अंतरराष्ट्रीय काव्य संग्रह काव्य सलिला के लोकार्पण समारोह में सम्मानित किया गया। शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायामूर्ति व पूर्व प्रमुख लोकायुक्त शंभूनाथ श्रीवास्तव रहे। उन्होंने काव्य सलिला का गोल्ड एडीशन, स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर डॉ. शिखा कौशिक को सम्मानित किया। डॉ. शिखा कौशिक को अंतरराष्ट्रीय वागीश्वरी सम्मान से भी सम्मानित किया गया। डॉ. संतोष खन्ना व डॉ. साधना गुप्ता द्वारा संपादित पुस्तक काव्य सलिला में डॉ. शिखा कौशिक ने रोम की साहित्यकार वेल्थी हॉसिंगर फिशर का परिचय और कविता लिखी हैं।
डॉ. शिखा कौशिक ने बताया कि इस काव्य संग्रह में सभी 59 भारत के रेमन मैग्सेसे अवार्ड से सम्मानित लेखकों का काव्य और उनका परिचय है। जो कि वर्ल्ड रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया वेल्थी हॉसिंगर फिशर नेहरू साक्षरता पुरस्कार से सम्मानित होने वाली प्रथम विभूति थी। केंद्र सरकार ने उनकी स्मृति में 18 मार्च 1980 को डाक टिकट भी जारी किया था। भारत द्वारा इतने उच्च स्तर पर सम्मानित होने वाली वह एकमात्र अमेरिकी हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा के पूर्व महासचिव व संविधान विशेषज्ञ पद्मभूषण डॉ. सुभाष कश्यप ने की। जिसमें पूर्व सांसद व संसदीय हिंदी परिषद की अध्यक्ष सत्या, दिल्ली विवि के प्रोफेसर डॉ. पूरन चंद टंडन, आर्ट ऑफ लिविंग संकाय के प्राचार्य तिलक राज टक्कर, प्रतिष्ठित साहित्यकार पद्मश्री डॉ. श्याम सिंह शशि, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके की वाइस प्रेसिडेंट सपना सुकुल, विधि भारती परिषद की महासचिव डॉ. संतोष खन्ना मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पूनम माटिया, डॉ. कीर्ति गोयल, डॉ. निशा केवलिया, प्रो. मंगला रानी ने किया।