स्ट्रेचर पर मरीज को अस्पताल ले जाते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
शामली में तीन दिन से अपर दोआब शुगर मिल में गन्ना डालने को लेकर मची आपाधापी से शुक्रवार को भी जारी रही। हालात यह हो गए कि गन्ना लदे वालों ने पूरा शहर जाम हो गया। स्कूली वाहनों के साथ ही एंबुलेंस में भी जाम में फंस गई। जाम न खुलता देख तीमारदारों ने घायल को एंबुलेंस से स्ट्रेचर पर घायल को लिटाया और पैदल ही अस्पताल लेकर पहुंचे।
बता दें कि तीन दिन पूर्व सरशादी लाल समूह की अपर दोआब चीनी मिल में शाफ्ट टूट जाने से 10 घंटे तक पेराई बंद रही थी। इसके बाद भी पेराई ठीक से नहीं हो पा रही है, जबकि किसानों में गन्ना डालने को लेकर आपाधापी मची है। बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार सुबह तक गन्ना लदी ट्रैक्टर ट्राली, बुग्गी आदि वाहन शुगर मिल रोड से लेकर एमएसके रोड पर खड़े रहे। गन्ना लदे वाहनों की बेतरतीब लाइनें लग गईं। इससे अन्य वाहनों भी जहां के तहां फंस गए। शुक्रवार की सुबह से लेकर शाम तक शामली में अग्रसेन चौक, अस्पताल रोड़, हनुुमान रोड, कमला कालोनी, नेहरू रोड, तालाब रोड पर ट्रैफिक जाम रहा। एक तरफ शिवचौक तक वाहनों की लाइन पहुंच गई थी, तो दूसरी तरफ वीवी इंटर कॉलेज तक वाहन खड़े रहे। सुबह करीब साढ़े आठ बजे गांव बंतीखेड़ा निवासी गुलबहार को हादसे में घायल होने पर एंबुलेंस से शामली सीएचसी ले जाया जा रहा था। उसकी एंबुलेंस हनुमान रोड पर ट्रैफिक जाम में फंस गई। इससे परिजनों की चिंता बढ़ गई। जाम की भयंकर स्थिति देख परिजनों ने उसे स्ट्रेचर पर लिटाया और पैदल ही अस्पताल लेकर पहुंचे। उधर, ट्रैफिक जाम में स्कूली वाहन भी फंसे रहे। स्थिति यह थी कि पैदल जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी। किसी ने गन्ना लदे वाहनों के नीचे से होकर रास्ता बदला तो कोई उन पर चढ़ कर अपने गंतव्य तक पहुंचा।
एएसपी जाम में फंसे तो बना प्लान
शामली। तीन दिनों से शहर गन्ने के जाम से जूझ रहा है। मगर, हैरत की बात यह रही कि तीन दिन से शहर के लोग इस जाम के झाम को झेल रहे है, लेकिन पुलिस और प्रशासन से इससे निजात दिलाने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। शुक्रवार को इसमें एएसपी श्लोक कुमार की कार भी फंस गई। इसके बाद पुलिस ने गन्ना लदे वाहनों को फटाफट हटवाया। साथ ही जाम की इस समस्या से शहरवासियों को निजात दिलाने के लिए प्लान बनाकर अमल शुरू हुआ। एएसपी ने बताया कि फोर्स लगाकर गन्ने के वाहनों को धीरे-धीरे निकाला जा रहा हैं। गन्ने के वाहनों को शहर के बाहर रोकने के निर्देश दिए हैं। किसानों से एक साथ गन्ने की बोगियां न लाकर रुक-रूक लाने के लिए कहा जा रहा है। किसान और नेताओं से सहयोग की अपील की जा रही हैं। जाम से बचाने के लिए वाहनों को वन साइड चलने की व्यवस्था की गई है।
लगातार ब्रेक डाउन होने से मिल हो रही बंद
शुगर मिल के महाप्रबंधक (केन) कुलदीप पिलानिया ने बताया कि तीन दिनों से चीनी मिल में तकनीकी खराबी आने से पेराई प्रभावित रही है। मिल की 60 हजार क्विंटल पेराई क्षमता है, मगर 40 से लेकर 45 हजार क्विंटल गन्ना आपूर्ति हो रहा है। जारी किया गन्ने का इंडेंट शनिवार की दोपहर तक खत्म होने से शहर में जाम की समस्या का समाधान हो जाएगा। उधर, शामली गन्ना सहकारी विकास समिति के विशेष सचिव मुकेश राठी ने बताया कि चीनी मिल की शाफ्ट टूटने मिल में लगातार ब्रेक डाउन हो रहा है। इससे लगाकर मिल बंद हो रही है। मिल बंद होने से लगातार शहर में जाम की स्थिति बनी हुई है। जाम हटने में कम से कम एक दिन ओर लगेगा।