संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में विश्व ओजोन दिवस पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि ओजोन परत से ही पृथ्वी पर जीवन संभव है।
कॉलेज सभागार में शुक्रवार को आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख पुष्पार्चन व सरस्वती वंदना से हुआ। इस अवसर पर भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता विकास कुमार ने कहा कि ओजोन वायुमंडल की एक परत है। जिसमें ओजोन गैस की सघनता अपेक्षाकृत अधिक होती है। ओजोन परत के कारण ही पृथ्वी पर जीवन संभव है। यह परत सूर्य के पराबैंगनी प्रकाश की किरणों को 99 प्रतिशत तक अवशोषित कर लेती है। पराबैंगनी किरणें मानव जीवन में अनेक असाध्य बीमारियां जैसे त्वचा का कैंसर, आंखों पर दुष्प्रभाव को जन्म देती हैं। आज वर्तमान परिवेश में फ्रीज, एसी से निकलने वाली क्लोरो-फ्लोरो कार्बन गैस ओजोन परत का क्षरण करती है। यदि ओजोन परत को बचाने के निरंतर प्रयास नहीं किए गए तो भविष्य में बड़े ही घातक परिणाम हो सकते हैं।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य आनंद प्रसाद शर्मा ने छात्रों से ओजोन परत के संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के प्रति संवेदनशील एवं जागरूक रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर संस्था के उप प्रधानाचार्य मलूक चंद, आचार्य अशोक सोम, पवन कुमार, नीटू कश्यप, पुष्पेंद्र शर्मा, सुभाष चंद, अरविंद कुमार, योगेंद्र कुमार, ब्रिजेश कुमार, बिजेंद्र कुमार, अंकित भार्गव, सीताराम, सतेंद्र कुमार, मधुबन शर्मा आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आचार्य मोहर सिंह ने किया।
उधर, आरके पीजी कॉलेज के सभागार में ओजोन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का प्रोफेसर आरपी सिंह, डॉ. पीके सिंह, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. रजनी रानी ने दीप प्रज्ज्वलित करके शुभारंभ किया। कार्यक्रम संयोजक दीपक तोमर ने ओजोन परत के महत्व पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों ने भाषण, पोस्टर, कविता आदि प्रतियोगिताओं में उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। छात्राओं ने नाटकीय प्रस्तुति दी। इस अवसर पर डॉ. संजीव कुमार, डॉ. रानी मिश्रा, डॉ. विनीता, डॉ. स्नेहा, डॉ. गीता रानी, डॉ. दर्शना, डॉ. चंद्रबली पटेल, डॉ. सौरभ पांडेय, डॉ. आकाश कुमार आदि मौजूद रहे।