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Shamli News: साथी की हत्या में बदमाश को आजीवन कारावास

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कैराना। वर्ष 2015 में ऋषिकेश से अपहृत युवक की फिरौती की रकम साथी को नहीं देने के लालच में बदमाशों ने अपने ही साथी की हत्या कर दी थी। हत्या का दोष सिद्ध पाये जाने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एससीएसटी) रेशमा चौधरी ने मुजरिम रोहित निवासी लिसाढ़ शामली को आजीवन कठोर कारावास व 35 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। वहीं हत्या का दूसरे आरोपी व मुजरिम रोहित के भाई मोहित की पूर्व में मृत्यु हो चुकी थी।
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जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) संजय चौहान व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार पुंडीर ने बताया कि 23 जुलाई 2015 को उत्तराखंड के ऋषिकेश से बदमाशों ने हार्दिक रावत का अपहरण कर लिया था। हार्दिक के पिता ने ऋषिकेश थाने पर मुकदमा दर्ज कराया था। मुजरिमों ने अपहृत हार्दिक को लिसाढ़ गांव में एक कमरे में बंद कर रखा था और फोन पर फिरौती की मांग की थी। हार्दिक के पिता ने अपहरणकर्ताओं को साढ़े 17 लाख की फिरौती दी थी। इस दौरान ऋषिकेश पुलिस भी बदमाशों को सर्विलांस के सहारे ट्रेस कर रही थी। फिरौती मिलने के बाद रोहित व उसके भाई मोहित निवासी लिसाढ़ ने फिरौती की रकम नहीं देने के लालच में तीसरे साथी सत्यम निवासी ऋषिकेश की हत्या कर दी। साथ ही शव को बुढ़ाना के जौला में नहर में डाल दिया था। इसके बाद ऋषिकेश पुलिस ने सर्विलांस के सहारे कांधला रेलवे फाटक के पास से दोनों अपहरणकर्ताओं रोहित व मोहित को दबोच लिया। वहीं लिसाढ़ से हार्दिक को मुक्त करा लिया था। पुलिस ने मुजरिमों के पास से फिरौती के 17 लाख 40 हजार रुपये भी बरामद किए थे। हार्दिक ने ऋषिकेश पुलिस को बताया था कि उसे घर से सत्यम बुलाकर ले गया था। दोनों बदमाशों ने सत्यम की हत्या कर दी। पुलिस ने जेल में बंद रोहित व मोहित को पीसीआर पर लेकर जौला नहर से मृतक सत्मय के शव को एक बोरे से बरामद किया था। मृतक सत्यम के पिता राजेश गुप्ता ने शामली कोतवाली पर मुकदमा दर्ज कराया था। सुनवाई के दौरान मोहित की मृत्यु हो गई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपहृत हार्दिक सहित 7 गवाह पेश किए गए थे। गुरुवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एससीएसटी) रेशमा चौधरी ने दोष सिद्ध पाये जाने पर मुजरिम रोहित निवासी लिसाढ़ शामली को आजीवन कठोर कारावास व 35 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई।
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