संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा बढ़ाने के लिए बुटाराड़ा में चल रहे धरने पर 25वें दिन रविवार को महिलाओं ने मोर्चा संभाला। वे सुबह से ही चूल्हा-चोका छोड़कर बड़ी संख्या में धरनास्थल पर पहुंच गईं और शाम तक डटी रहीं। इस दौरान उन्होंने शासन-प्रशासन से आर-पार की लड़ाई का एलान किया। निर्णय किया कि अगले रविवार को भी महिलाएं धरने में मौजूद रहेंगी।
धरनास्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य प्रेरणा मलिक ने कहा कि जिले के 22 गांवों के किसान 25 दिन से मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। प्रशासन उनकी समस्या निपटाने के बजाय नोटिस भेजकर डरा रहा है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिलाएं भी हक की इस लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगी। ग्राम प्रधान चूनसा सुमन देवी ने कहा कि शासन-प्रशासन महिलाओं को कमजोर न समझें। वक्त आने पर भारतीय नारियां रानी लक्ष्मीबाई की तरह लड़ना भी जानती हैं। किसान संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक की पत्नी दीपमाला ने कहा कि जब तक एक प्रोजेक्ट एक रेट के आधार पर मुआवजा नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। सभा को मुनेश देवी, कौशलेंद्री देवी आदि ने भी विचार रखे। धरने की अध्यक्षता धर्मवती देवी ने की तथा संचालन सपना देवी ख्यावड़ी ने किया। यहां पर संगीता देवी, पूनम देवी, राजवीरी देवी, ओमवीरी, प्रतिज्ञा देवी, छाया देवी आदि मौजूद रहीं।
महापंचायत की सफलता के लिए टीम बनाई
धरनास्थल पर चूनसा, बंतीखेड़ा, करौदा हाथी, बाबरी, कैड़ी, गोगवान जलालपुर, लाडो माजरी, कांजरहेड़ी, भाज्जू, भिक्का माजरा सहित अन्य गांव से भी महिलाएं शामिल हुईं। 24 अगस्त को होने वाली महापंचायत के लिए महिलाओं की टीम गठित की गई। यह टीम गांव-गांव जाकर महिलाओं से महापंचायत में शामिल होने का आह्वान करेंगी। इसके अतिरिक्त किसानों की 11 सदस्यीय टीम गांव-गांव जाकर महापंचायत सफल बनाने के लिए जनसंपर्क कर रही हैं।
राकेश टिकैत की गिरफ्तारी पर पुलिस अलर्ट
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की दिल्ली में गिरफ्तारी की जानकारी पाकर धरने पर मौजूद महिलाएं आक्रोशित हो उठीं। इसी बीच बाबरी थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना खुद मौके पर पहुंचे और हालत पर नजर बनाए रहे। कुछ देर बाद राकेश टिकैत की रिहाई की जानकारी मिली तो महिलाएं शांत हुईं। इस बीच भाकियू कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदेश में थाने घेरने की जानकारी पाकर बाबरी थानाध्यक्ष ने थाने के मुख्य गेट पर सुरक्षा कारणों से बैरिकेडिंग लगवा दीं।
शामली जिले के ग्राम बुटराड़ा में धरनास्थल पर मौजूद महिलाएं। संवाद- फोटो : SHAMLI
शामली जिले के ग्राम बुटराड़ा में धरनास्थल पर महिलाओं जलेबी वितरित करतीं बालिकाएं। संवाद- फोटो : SHAMLI