उप निबंधक कार्यालय पर तालाबंदी करते अधिवक्ता।
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शामली में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से विरत रहते हुए शामली कलक्ट्रेट परिसर में क्रमिक अनशन किया और रजिस्ट्री दफ्तर पर तालाबंदी की।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच स्थापना संघर्ष समिति के आह्वान पर कई दिन से अधिवक्ताओं का आंदोलन चल रहा है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने क्रमिक अनशन किया। सब रजिस्ट्रार शामली के दफ्तर पर तालाबंदी करके धरना प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनसंख्या करीब 22 करोड़ है, जबकि उत्तर प्रदेश में केवल एक ही हाईकोर्ट बेंच है। हाईकोर्ट इलाहाबाद की दूरी करीब 700 किलोमीटर और हाईकोर्ट बेंच लखनऊ की दूरी करीब 600 किलोमीटर है। इस कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वादकारियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे न्याय मिलने में देरी होती है। इस लिहाज से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना होनी आवश्यक है।
इस दौरान जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र कुमार सिंह, महासचिव नीलकम, कोषाध्यक्ष राजेश आर्यन, चंद्रवीर मलिक, सतीश चौहान, सतीश कुमार मिठालिया, रामपाल सिंह सुगालिया, चंद्रभान सिंह, सौराज सिंह, मुकेश गर्ग, रविंद्र कुमार, रतन सिंह, मनोज जांगिड, प्रवीण कुमार, जगदेव सिंह, दीपक कौशिक, संजय शर्मा, प्रदीप पंवार, रामफूल सिंह, सत्यपाल सिंह बालियान, अमरदीप आर्य, सतेंद्र धीरयान, विवेक कुमार, अशोक कुमार, अरविंद जावला, राजकुमार, मनोज देशवाल, जसपाल राणा, रामकुमार वर्मा, अमित शर्मा, शुभम सैनी, सोमपाल जावला, श्यामवती, जयपाल चौहान और नीलम पुरी आदि मौजूद रहे।
कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
कैराना। पश्चिमी उप्र में हाईकोर्ट की बेंच की स्थापना की मांग को लेकर कैराना बार एसोसिएशन अधिवक्ताओं ने कलमबंद हड़ताल रखी। संघर्ष समिति के आह्वान पर चल रही अधिवक्ताओं की हड़ताल बृहस्पतिवार को भी जारी रही। अधिवक्ताओं की एक बैठक बार अध्यक्ष खड़क सिंह चौहान और महासचिव संजय कश्यप के संचालन में आयोजित की गई। जिसमें आज भी हड़ताल पर रहने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। जिसके बाद अधिवक्ताओं ने न्यायालयों में किसी भी प्रकार का कोई कार्य नहीं किया।