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जाट बहुल गांवों में भी बराबरी पर रहा मुकाबला

Fri, 01 Jun 2018 11:52 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
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कैराना मायापुर फार्म हाउस पर समर्थकों से वार्ता करतीं मृगांका सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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शामली में कैराना लोकसभा उपचुनाव में जाट बिरादरी को एकजुट करने में रालोद बेशक कामयाब हो गया, लेकिन जाट बहुल गांवों में भाजपा को पिछड़ा वर्ग के वोटरों का पूरा साथ मिला। यही वजह रही कि कैराना लोकसभा सीट का उपचुनाव हारने के बावजूद कैराना विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी को गठबंधन प्रत्याशी से ज्यादा वोट मिले। वहीं, शामली विधानसभा क्षेत्र के जाट बहुल गांव में भाजपा प्रत्याशी कहीं बराबरी के मुकाबले में रहा तो कहीं पिछड़ भी गया। कैराना लोकसभा क्षेत्र में शामली और थानाभवन विधानसभा क्षेत्र में जाट बिरादरी के वोटरों की संख्या अहम होती है। शामली विधानसभा क्षेत्र में करीब 65 हजार तो थानाभवन क्षेत्र में करीब 45 हजार जाट मतदाता बताए जाते हैं। इसी कारण जाट मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए एक तरफ रालोद ने पूरी ताकत लगाई, तो भाजपा ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी थी। वहीं, भाजपा को जाट बहुल गांवों में पिछड़ा वर्ग के वोटरों से भी पूरी उम्मीदें थीं। चुनाव परिणामों को देखा जाए, तो शामली विधानसभा क्षेत्र के ज्यादातर जाट बहुल गांवों में रालोद प्रत्याशी को ज्यादा वोट मिले, लेकिन काफी गांव ऐसे भी हैं, जहां भाजपा ने बढ़त बनाई। इनमें भाजपा को गांव ताजपुर सिंभालका में 938 वोट मिले, जबकि रालोद को 847 वोट मिल पाए। इतना ही नहीं दंगा प्रभावित गांव बहावड़ी में भाजपा को 1106 वोट मिले, जबकि रालोद को 773 वोट ही मिल सके। इसके अलावा गांव काबड़ौत में भाजपा को 522 वोट मिले, तो रालोद को 482 मिले। इसी तरह गांव भाज्जू में भाजपा को 1340 वोट मिले, जबकि रालोद को 1137 वोट ही मिल सके। हालांकि गांव लिलौन में भाजपा को 1431, जबकि रालोद को 2592, गांव झाल में भाजपा को 493 और रालोद को 829, गांव बुटराडी में भाजपा को 564 और रालोद को 618 वोट मिले। बूथ संख्या -----रालोद ----- भाजपा गांव सेंहटा 100 ---------- 17 --------239 गांव कुड़ाना 101 ------------181---------- 168 102-------------168---------- 257 103------------450----------- 194 104------------203---------- 153 105-----------150------------ 208 106------------325---------- 261 107-----------336---------- 243 108-----------393----------- 340 गांव कुरमाली 109----------425---------- 159 110---------255----------- 309 गांव कांजरहेड़ी 111------------274--------- 323 गांव चूनसा 112------------269---------- 237 113-----------486 ---------- 169 गांव आदमपुर 114----------441---------- 308 गांव भाज्जू 115-----------215--------- 209 116-----------188--------- 279 117-----------157--------- 355 118-----------225-------- 191 119-----------352-------- 306 गांव खेड़ी पट्टी 120 -----------289-------- 116 गांव भिक्का माजरा 121----------395---------- 301 गांव बहावड़ी 122---------75--------- 172 123---------285-------- 253 124---------334-------- 348 125----------79-------- 333 गांव काबड़ौत 126--------283-------- 276 127--------199------- 240 गांव लांक 128---------323------- 223 129---------129------ 215 130--------274------- 109 131--------172------- 244 132-------259------- 233 133-------384------- 162 134-------177-------- 91 135-------149------- 125 गांव बुटराडी 136---------225------414 137-------- 393 ------150 गांव झाल 138---------293--------327 139--------536---------166 गांव बरला जट्ट 140---------308-------282 गांव ताजपुर सिंभालका 141---------331-------234 142---------203-------343 143--------118--------183 144-------195---------178 गांव बलवा 145--------503--------41 146--------484--------5 147--------238-------606 148-------152-------813 149-------13--------1037 गांव लिलौन 150-------432-------258 151-------338-------154 152-------390------142 153------233-------224 154------688-------182 155------177------394 156------334------107 गांव ब्रहमखेड़ा 157--------118-------662 गांव लोहरीपुर 158--------654--------22 गांव रसूलपुर गुजरान 159----------04--------884 160---------00--------757 गांव हसनपुर 161---------143--------206 162--------352---------192 163--------294--------204 गांव लिसाढ़ 164--------380--------289 165--------179--------141 166--------168------- 77 167--------242------- 111 168--------110------- 205 हार के कारणों पर मंथन कर रहे भाजपाई शामली। भारतीय जनता पार्टी अब कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में मिली हार के कारणों को तलाशने में जुटी है। स्थानीय स्तर पर नेताओं से अलग पार्टी के वरिष्ठ नेता चुनाव परिणामों में विधानसभा वार भाजपा को मिले मतों की गणना कर रहे हैं कि कहां पर पार्टी कमजोर रही और कहां पर स्थिति ठीक रही। कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा को सिर्फ कैराना विधानसभा क्षेत्र में जीत मिली, जबकि शामली, नकुड़, थानाभवन और गंगोह में भाजपा पिछड़ी रही। कैराना में भाजपा प्रत्याशी ने 12949 वोटों की लीड बनाई, तो शामली विधानसभा में 2149 वोटों से पिछड़ गई और थानाभवन विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा 15159 वोटों से पिछड़ी। गंगोह में करीब 29 हजार और गंगोह विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा को गठबंधन प्रत्याशी से करीब 12 हजार वोट कम प्राप्त हुए। इसी से गठबंधन से रालोद प्रत्याशी तबस्सुम हसन ने 44618 वोटों से भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को परास्त कर दिया। अब भाजपा नेता हार के कारणों को तलाश रहे हैं कि अलग अलग विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा की कमजोरी क्या-क्या रहीं। क्योंकि उपचुनाव में जीत दर्ज करने के लिए पार्टी ने नेताओं को अलग-अलग विधानसभा सीट के हिसाब से जिम्मेदारी सौंपी गई थी। खास बात यह भी है कि कैराना लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से चार पर भाजपा के विधायक हैं। शामली और सहारनपुर जनपद में दो मंत्री हैं, इसके बावजूद भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ गया।
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