कैराना मायापुर फार्म हाउस पर समर्थकों से वार्ता करतीं मृगांका सिंह।
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शामली में कैराना लोकसभा उपचुनाव में जाट बिरादरी को एकजुट करने में रालोद बेशक कामयाब हो गया, लेकिन जाट बहुल गांवों में भाजपा को पिछड़ा वर्ग के वोटरों का पूरा साथ मिला। यही वजह रही कि कैराना लोकसभा सीट का उपचुनाव हारने के बावजूद कैराना विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी को गठबंधन प्रत्याशी से ज्यादा वोट मिले। वहीं, शामली विधानसभा क्षेत्र के जाट बहुल गांव में भाजपा प्रत्याशी कहीं बराबरी के मुकाबले में रहा तो कहीं पिछड़ भी गया।
कैराना लोकसभा क्षेत्र में शामली और थानाभवन विधानसभा क्षेत्र में जाट बिरादरी के वोटरों की संख्या अहम होती है। शामली विधानसभा क्षेत्र में करीब 65 हजार तो थानाभवन क्षेत्र में करीब 45 हजार जाट मतदाता बताए जाते हैं। इसी कारण जाट मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए एक तरफ रालोद ने पूरी ताकत लगाई, तो भाजपा ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी थी। वहीं, भाजपा को जाट बहुल गांवों में पिछड़ा वर्ग के वोटरों से भी पूरी उम्मीदें थीं। चुनाव परिणामों को देखा जाए, तो शामली विधानसभा क्षेत्र के ज्यादातर जाट बहुल गांवों में रालोद प्रत्याशी को ज्यादा वोट मिले, लेकिन काफी गांव ऐसे भी हैं, जहां भाजपा ने बढ़त बनाई। इनमें भाजपा को गांव ताजपुर सिंभालका में 938 वोट मिले, जबकि रालोद को 847 वोट मिल पाए। इतना ही नहीं दंगा प्रभावित गांव बहावड़ी में भाजपा को 1106 वोट मिले, जबकि रालोद को 773 वोट ही मिल सके। इसके अलावा गांव काबड़ौत में भाजपा को 522 वोट मिले, तो रालोद को 482 मिले। इसी तरह गांव भाज्जू में भाजपा को 1340 वोट मिले, जबकि रालोद को 1137 वोट ही मिल सके। हालांकि गांव लिलौन में भाजपा को 1431, जबकि रालोद को 2592, गांव झाल में भाजपा को 493 और रालोद को 829, गांव बुटराडी में भाजपा को 564 और रालोद को 618 वोट मिले।
बूथ संख्या -----रालोद ----- भाजपा
गांव सेंहटा
100 ---------- 17 --------239
गांव कुड़ाना
101 ------------181---------- 168
102-------------168---------- 257
103------------450----------- 194
104------------203---------- 153
105-----------150------------ 208
106------------325---------- 261
107-----------336---------- 243
108-----------393----------- 340
गांव कुरमाली
109----------425---------- 159
110---------255----------- 309
गांव कांजरहेड़ी
111------------274--------- 323
गांव चूनसा
112------------269---------- 237
113-----------486 ---------- 169
गांव आदमपुर
114----------441---------- 308
गांव भाज्जू
115-----------215--------- 209
116-----------188--------- 279
117-----------157--------- 355
118-----------225-------- 191
119-----------352-------- 306
गांव खेड़ी पट्टी
120 -----------289-------- 116
गांव भिक्का माजरा
121----------395---------- 301
गांव बहावड़ी
122---------75--------- 172
123---------285-------- 253
124---------334-------- 348
125----------79-------- 333
गांव काबड़ौत
126--------283-------- 276
127--------199------- 240
गांव लांक
128---------323------- 223
129---------129------ 215
130--------274------- 109
131--------172------- 244
132-------259------- 233
133-------384------- 162
134-------177-------- 91
135-------149------- 125
गांव बुटराडी
136---------225------414
137-------- 393 ------150
गांव झाल
138---------293--------327
139--------536---------166
गांव बरला जट्ट
140---------308-------282
गांव ताजपुर सिंभालका
141---------331-------234
142---------203-------343
143--------118--------183
144-------195---------178
गांव बलवा
145--------503--------41
146--------484--------5
147--------238-------606
148-------152-------813
149-------13--------1037
गांव लिलौन
150-------432-------258
151-------338-------154
152-------390------142
153------233-------224
154------688-------182
155------177------394
156------334------107
गांव ब्रहमखेड़ा
157--------118-------662
गांव लोहरीपुर
158--------654--------22
गांव रसूलपुर गुजरान
159----------04--------884
160---------00--------757
गांव हसनपुर
161---------143--------206
162--------352---------192
163--------294--------204
गांव लिसाढ़
164--------380--------289
165--------179--------141
166--------168------- 77
167--------242------- 111
168--------110------- 205
हार के कारणों पर मंथन कर रहे भाजपाई
शामली। भारतीय जनता पार्टी अब कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में मिली हार के कारणों को तलाशने में जुटी है। स्थानीय स्तर पर नेताओं से अलग पार्टी के वरिष्ठ नेता चुनाव परिणामों में विधानसभा वार भाजपा को मिले मतों की गणना कर रहे हैं कि कहां पर पार्टी कमजोर रही और कहां पर स्थिति ठीक रही। कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा को सिर्फ कैराना विधानसभा क्षेत्र में जीत मिली, जबकि शामली, नकुड़, थानाभवन और गंगोह में भाजपा पिछड़ी रही। कैराना में भाजपा प्रत्याशी ने 12949 वोटों की लीड बनाई, तो शामली विधानसभा में 2149 वोटों से पिछड़ गई और थानाभवन विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा 15159 वोटों से पिछड़ी।
गंगोह में करीब 29 हजार और गंगोह विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा को गठबंधन प्रत्याशी से करीब 12 हजार वोट कम प्राप्त हुए। इसी से गठबंधन से रालोद प्रत्याशी तबस्सुम हसन ने 44618 वोटों से भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को परास्त कर दिया। अब भाजपा नेता हार के कारणों को तलाश रहे हैं कि अलग अलग विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा की कमजोरी क्या-क्या रहीं। क्योंकि उपचुनाव में जीत दर्ज करने के लिए पार्टी ने नेताओं को अलग-अलग विधानसभा सीट के हिसाब से जिम्मेदारी सौंपी गई थी। खास बात यह भी है कि कैराना लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से चार पर भाजपा के विधायक हैं। शामली और सहारनपुर जनपद में दो मंत्री हैं, इसके बावजूद भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ गया।