जैन संत ज्ञानसागर जी महाराज ने कहा कि मौजूदा दौर में जीव तनाव का जीवन जी रहा है। जीव के अशांत जीवन को तनाव मुक्त करना होगा।
शहर में जैन संत ज्ञान सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश हुआ। शहर के मुख्य मार्ग स्थित कलश रिम उद्योग के बाहर बैंड बाजों के साथ श्री दिगंबर जैन साधु सेवा समिति एवं सकल जैन समाज की ओर से जैन संत ज्ञान सागर जी महाराज का भव्य स्वागत किया गया। बैंडबाजों के साथ जैन संत को मुख्य मार्गों से होकर शहर के सुभाष चौक से तालाब रोड होते हुए जैन धर्मशाला में पहुंचे। जैन धर्मशाला में आयोजित धर्मसभा में महाराज श्री को साधना जैन, निखिल जैन, पौरुष जैन परिवार की ओर से शास्त्र भेंट किए। पाद प्रछालन सतेंद्र जैन, अमित जैन द्वारा किया गया। जैन संत ज्ञान सागर जी महाराज ने ज्ञान की अमृत वर्षा करते हुए कहा कि जीव का अशांत जीवन परिवार को विकास के स्थान पर विनाश की ओर ले जाता है। स्वस्थ जीवन स्वस्थ बिजनेस और रसोई शांति का प्रतीक है। धर्म परिवारों को जोड़ता है। अधर्म घर परिवारों को तोड़ता है। धर्म जीव को संस्कार, पूजा अर्चना, आहार, दान की ओर ले जाता है। महाराज श्री ने जीव को पुण्य सिंचित करने व खान पान शुद्ध करने पर जोर दिया। शुद्ध खानपान बीमारियों से बचाव करता है। धर्म सभा में श्री दिगंबर जैन साधु सेवा समिति के अध्यक्ष जेके जैन एडवोकेट, महामंत्री अनिल जैन, कोषाध्यक्ष प्रवीण कुमार जैन, मुख्य संयोजक पंकज जैन, राजीव जैन, प्रवीण जैन, ललित जैन, सचिन जैन, अजय जैन, प्रद्युमन जैन, तेजस्वनी मंडल की अध्यक्ष मोनिका जैन आदि रहीं।