कैराना। तीन दिन पहले रात में हुए अवैध रेत खनन के मामले में हल्का लेखपाल की भूमिका संदिग्ध है। एसडीएम स्वप्निल यादव ने हल्का लेखपाल की जांच तहसीलदार अर्जुन चौहान को सौंप दी हैं। तहसीलदार ने बताया कि अभी तक उन्हें पत्र प्राप्त नहीं हुआ हैं। जांच पत्र आने के बाद सोमवार तक जांच रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
1 9 सितंबर की देर रात एसडीएम स्वप्निल यादव व पुलिस क्षेत्राधिकारी अमरदीप मौर्य ने तहसील क्षेत्र के गांव मंडावर तथा बसेड़ा के बीच यमुना नदी में प्रतिबंध के बावजूद अवैध खनन किए जाने की सूचना पर छापा मारा था, लेकिन छापेमारी की सूचना पुलिस विभाग की ओर से लीक होने के कारण खनन माफिया जेसीबी मशीनें व रेत के डंपर लेकर मौके से फरार हो गए थे।
मौके से पकड़ी गई जेसीबी मशीन हुई गायब
सीओ ने बताया कि देर रात अवैध खनन में जेसीबी मशीन को कोतवाली प्रभारी को जब्त करने के निर्देश दिए गए थे। उक्त मशीन हरियाणा के किसी व्यक्ति की थी। जो चकमा देकर मशीन को लेकर फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रहीं हैं। एक जेसीबी मशीन के टायरों के निशान के जरिए उसको पकड़ कर जब्त किया गया हैं। उन्होंने कहा कि मौके से डंपर नहीं पकड़ा गया हैं।
-माफिया के विरुद्ध कार्रवाई करने में सुस्त खान अधिकारी
अभी तक खान अधिकारी खनन माफिया के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने व अन्य कार्रवाई करने के मामले में सुस्त नजर आए। खान अधिकारी की ओर से इस मामले में न तो एफआईआर दर्ज कराई गई है और ना ही उनके विरुद्ध जुर्माने से संबंधित कोई भी कार्रवाई शुरू की गई हैं। खान अधिकारी बृजेश कुमार गौतम का कहना हैं कि जिस जमीन पर अवैध खनन किया जा रहा था। हल्का लेखपाल से उसकी रिपोर्ट मांगी गई हैं। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।