शामली। बदलते मौसम के चलते बुखार, नजला व खांसी के साथ ही मलेरिया का भी खतरा बढ़ गया है। वहीं जिले में मलेरिया के दो नए केस सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। एक केस थानाभवन ब्लॉक के गांव बाबरी में मिला है, जबकि दूसरा केस ऊन ब्लॉक के गांव सांपला में मिला है। स्वास्थ्य टीम ने सांपला में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया है।
जिले में मौसम लगातार बदल रहा है। इसके चलते अस्पतालों में वायरल बुखार, नजला व खांसी के मरीज पहले से ज्यादा आ रहे हैं, लेकिन अब मच्छर पनपने के कारण मलेरिया बुखार का भी खतरा बन गया है। जिले में मार्च के महीने में स्वास्थ्य विभाग ने 2889 मरीजों के सैंपल लेकर जांच की। इनमें दो मरीजों में मलेरिया बुखार होने की पुष्टि हुई। इनमें एक केस ऊन ब्लॉक के गांव सांपला व दूसरा थानाभवन ब्लाॅक के गांव बाबरी में मिला है। इससे पहले जनवरी व फरवरी माह में हुई करीब साढ़े चार हजार जांच में मलेरिया व डेंगू का कोई केस नहीं मिला था। मलेरिया बुखार के दो नए केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को जिला मलेरिया विभाग की टीम ने गांव सांपला में पहुंचकर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया। साथ ही ग्रामीणों को मच्छरजनित बीमारियों व बुखार से बचाव के तरीके बताकर जागरूक किया। उधर, चिकित्सक भी मरीजों को बुखार से बचने के लिए मच्छर से बचाव करने के तरीके अपनाने की सलाह दे रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में मलेरिया के दो केस मिले हैं। ग्रामीणों को बुखार से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है।
मलेरिया के लक्षण :
-ठंड लगने से कंपकंपी के साथ तेज बुखार होना।
- शरीर पर तेज पसीना आना।
- जी मिचलाना व उल्टी होना।
- सिर में तेज दर्द होना।
- शरीर में थकान और दर्द होना।
बचाव के तरीके
- घर व आसपास साफ-सफाई रखें।
- त्वचा को ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहनें।
- रात को सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
- मच्छर के काटने से बचाव के तरीके अपनाना।
- घर में या आसपास जलभराव को रोकना।
-बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराएं।