शामली। एनएचएआई बागपत और शामली के सक्षम प्राधिकारी एवं परियोजना निदेशक के नाम का फर्जी चेक तैयार कर एनएचएआई के खाते से 4.41 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के मामले में शामली साइबर सेल की जांच में अहम सुराग हाथ लगे हैं। ग्रेजुएट पास गुजरात और महाराष्ट्र के कोल्हापुर के रहने वाले दो शातिरों ने फर्जी चेक तैयार कर गोलमाल कराया था। तीन लाख रुपये के लालच में पूरा खेल किया गया। यही नहीं, रुपये पंजाब के मोहाली के ट्रांसपोर्टर के खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
एनएचएआई के खाते से 4.41 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के मामले की जांच शामली पुलिस, साइबर सेल और उत्तराखंड के रुद्रपुर की पुलिस कर रही है। साइबर सेल और पुलिस ने इस मामले में कोर्ट के आदेश पर उत्तराखंड की हल्द्वानी जेल में उधमपुर के बैंक मैनेजर देवेंद्र सिंह और बैंक कैशियर महिला प्रियम सिंह से पूछताछ की। दोनों के बयान दर्ज किए गए।
एसपी रामसेवक गौतम ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि गुजरात और महाराष्ट्र के दो ग्रेजुएट पास शातिरों ने उधमपुर के बैंक प्रबंधक के कहने पर फर्जी चैक तैयार किए थे। एक आरोपी लगातार बैंक मैनेजर और कैशियर के संपर्क में था। आरोपी मैनेजर से मिलने के लिए बैंक में भी आए थे। दो से लेकर तीन लाख रुपये का लालच दोनों को दिया गया था।
इसके अलावा जांच में पता चला कि जो रुपये ट्रांसफर किए गए थे, वह पंजाब के मोहाली के रहने वाले युवक के खाते में भेजे गए थे। इसके बाद उक्त रुपयों को अन्य खातों में भी ट्रांसफर कर दिया था। मोहाली का युवक नामचीन ट्रांसपोर्टर है, जिसकी कई गाड़ियां भी चल रही है। जल्द ही फरार गिरोह के सदस्यों और अन्य को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। संवाद
बैंक शाखा के कई कर्मचारियों के भी किए बयान दर्ज
एसपी के अनुसार, मामले में उधमपुर के जिस बैंक से खेल किया गया, उसके 12 से अधिक कर्मचारियों के भी बयान दर्ज पुलिस ने किए हैं। इसके अलावा बैंक में आने और जाने वाले लोगों की दस सीसीटीवी फुटेज की भी जांच चल रही है। गिरोह का जल्द ही भंड़ाफोड़ कर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि उक्त गिरोह ने अन्य स्थानों पर भी इस तरह की धोखाधड़ी की है।
यह है मामला
दिल्ली-देहरादून हाईवे के खाते से चार करोड़ 41 लाख 52 हजार 200 रुपये की धनराशि नानकसर इंफ्रा के नाम से रुद्रपुर के इंडसइंड बैंक से अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी गई थी। चेकों पर एनएचएआई के परियोजना निदेशक और अन्य के हस्ताक्षर किए गए थे। फर्जी हस्ताक्षर कर भी रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इस मामले में पुलिस ने उधमपुर बैंक के मैनेजर देवेंद्र सिंह और बैंक कैशियर महिला प्रियम सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। कंपनी और गिरोह के फरार सदस्य पुलिस की पकड़ से बाहर है। शामली पुलिस इस मामले में खाता होल्ड कराकर सारी रकम एनएचएआई को वापस दिला चुकी है।