फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: नीम हकीम की दुकान भी चला रही थी आतंकी इरादों वाली इमराना

Sun, 18 Feb 2024 02:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
विज्ञापन
बाबरी क्षेत्र के गांव बन्ती खेडा में इमराना के घर पर वह स्थान जहा पर तंत्र मंत्र  करती थी
विज्ञापन
शामली। टाइमर बोतल बम का ऑर्डर देने वाली बंतीखेड़ा निवासी इमराना ने एसटीएफ और पुलिस की पूछताछ में किए खुलासे किए हैं। तंत्र-मंत्र की क्रिया के साथ-साथ इमराना मुजफ्फरनगर और शामली में नीम हकीम की दुकान भी संचालित करती थी। खुद को हकीम बताते हुए जोड़ों में दर्द से लेकर पथरी दर्द और अन्य पुराने रोगों को ठीक करने का दावा किया जाता था। यही नहीं, आर्डर पर मंगवाए गए कुछ टाइमर बम उसने शामली में आने के दौरान कुछ लोगों को भी दिए थे। हालांकि, क्यों दिए, इसका खुलासा पूछताछ में अभी तक नहीं किया गया है।
विज्ञापन


एसटीएफ के सूत्रों के अनुसार इमराना पूर्व में पकड़े गए आरोपी जावेद के पिता से मिलती रहती थी। जावेद के पिता हकीम है। जिनसे विभिन्न रोगों की दवाई लेकर आती थी। जिन्हें शामली और मुजफ्फरनगर में पहुंचने वाले लोगों को दिया जाता था। इलाज के बदले पांच से लेकर छह हजार रुपये तक लिए जाते थे। यह नहीं तंत्र मंत्र की क्रिया के बहाने इमराना चोरी किए गए सामान को दिलाने, जल्द शादी कराने, भूत होने का दावा करते हुए उसे भगाने का भी दावा करती थी। पूछताछ में बताया है कि उसने पूर्व में भी जावेद से बम लिए थे, जिन्हें कुछ लोगों को एक-एक कर दिए थे। एसटीएफ एसपी बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में कई और खुलासे होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि किसी देश विरोधी गतिविधियों की साजिश थी, जिसे पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर नाकाम किया है।

फर्श से अर्श पर पहुंच गई इमराना, कपड़ों की शौकीन

एसटीएफ को जांच में पता चला है कि इमराना का पति पूर्व में मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। मगर तंत्रमंत्र की क्रिया के दौरान लोगों से हड़पे रुपयों ने इमराना का रहन सहन भी बदल दिया। अब वह महंगे कपड़े पहनकर ही शामली के बंतीखेडा के अपने घर में आती थी। पहले पति के साथ स्कूट, बाइक पर गांव में पहुंचती थी, इसके बाद लग्जरी गाड़ियों में आना शुरू कर दिया था।
विज्ञापन


व्हाट्सएप का भी खूब कर रही प्रयोग

एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि इमराना व्हाट्सएप का भी प्रयोग कर रही थी। वह जावेद और परिवार के अन्य लोगों से व्हाटसएप पर भी बात करती थी। हालांकि, व्हाट्सएप पर कुछ अहम सुराग एसटीएफ को हाथ नहीं लग सके।
विज्ञापन


शामली में कुछ समय के लिए रही थी
पूछताछ में इमराना ने बताया कि दंगों के दौरान उसका घर मुजफ्फरनगर में जला दिया गया था। जिस पर वह कुछ समय के लिए शामली के मकान में भी रही।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें