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Shamli News: पांच मिनट पहले चक्की फटती तो जा सकती थी कई की जान, जिले में पहली बार हुई घटना

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शामली क्षेत्र के गांव मंसूरा में विलाप करते मृतक बच्चो के परिजन
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झिंझाना। गांव मंसूरा में आटा चक्की के फटने से भाई-बहन की मौत के बाद गांव में गम का माहौल है। रातभर पीड़ित परिवारों के घर पर सांत्वना देने वालों का जमावड़ा रहा। यदि हादसा पांच मिनट पहले होता तो अन्य 9 बच्चे भी चपेट में आ सकते थे। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवाराें को आर्थिक मद्द की मांग प्रशासन से की है।
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हादसे की चपेट में घायल हुए सारिक और अफसरीन ने बताया कि जिस समय चक्की से आटा पीसा जा रहा था। 15 से अधिक बच्चे आसपास खेल रहे थे। कुछ बच्चे हादसे से पांच मिनट पहले ही वहां से चले गए थे। इसी बीच अचानक धमाके के साथ चक्की फट गई। यदि हादसा पांच मिनट बाद होता ते अन्य भी चपेट में आ सकते थे। लोगों का कहना है कि जिले में पहली बार चक्की फटने से मौत हुई है। इससे पूर्व इस तरह की घटना जिले में नहीं हुई।





-सुपुर्दे खाक करके लौटते ही मिली मौत की खबर

गांव के ही कब्रिस्तान में गुलफसा के शव को सुपुर्दे खाक कर परिजन और ग्रामीण वापस लौट रहे थे। इसी बीच अचानक उसके भाई जावेद की मौत की सूचना मिली। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। हर किसी ने कहा कि अल्लाह ने परिवार पर कहर बरपा दिया। गुलफसा 8 भाई और बहन थे। इनमें पांच बहन और तीन भाई शामिल हैं।
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-4 सितंबर को आनी थी बारात, खरीदे थे नए कपड़े

गुलफसा की बहन आसामीन की 4 सितंबर को शादी थी। बागपत के सिंघावली अहीर गांव से बारात आनी थी। परिजनों ने बताया कि शादी के लिए आसमीन और जावेद के नए कपड़े भी मंगवाए थे। दोनों शादी में मौज मस्ती करने की बात कह रहे थे। प्रतिदिन शाम के समय नए कपड़े भी परिजनों को दिखाते थे। अब मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।



मौत खींच लाई गांव

आसमीन और अन्य परिवार के सदस्य सिंघावली के ईंट भट्ठे पर ही मजदूरी करते थे। तीन दिन पहले ही शादी के लिए ही वह गांव में पहुंचे थी, तभी से शादी की तैयारी में ही जुटे हुए थे।





-मात्र 5 मिनट में फट गई चक्की

परिजनों ने बताया कि चक्की को चलाए सिर्फ पांच मिनट ही हुए थे। अचानक ही चक्की फट गई। माना जा रहा है कि अधिक गर्म होने के बाद चक्की फटी है। ग्रामीणों में जहां दो मौत को लेकर दुख है। वहीं इस बात का सब्र भी है कि अन्य बच्चे बाल बाल बच गए।
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