शामली। क्षय रोग के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए शासन ने नई गाइड लाइन जारी की है। घर में अगर क्षय रोगी पाया जाता है तो उसके संपर्क में आने वाले परिवार के सभी सदस्यों को दवा दी जाएगी ताकि उनमें संक्रमण का प्रसार न हो सके। अभी तक परिवार में सिर्फ छह साल तक के बच्चों को ही दवा दी जाती है। जिले में इस समय लगभग 1953 मरीज सक्रिय चल रहे हैं।
देश से क्षय रोग खत्म करने पर सरकार पूरा जोर दे रही है। इसके लिए क्षय रोगियों की खोज कर उनका उपचार किया जा रहा है। समय-समय पर सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान भी चलाए जाते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा रोगी चिन्हित हो और उनका समय से उपचार किया जा सके। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि क्षय रोगी का अगर समय पर पता न चले तो वह दस लोगों को संक्रमित कर सकता है। जिले में इस समय लगभग 1953 सक्रिय क्षय रोगी है, जिनका उपचार चल रहा है। जिले को इस साल में लगभग 3633 क्षय रोगियों को खोजने का लक्ष्य मिला हुआ है, जिनमें अब तक करीब तीन हजार क्षय रोगियों को चिन्हित किया जा चुका है। क्षय रोग का प्रसार रोकने के लिए अब शासन ने नई गाइड लाइन जारी की है। नई गाइड लाइन के अनुसार अब क्षय रोगी मिलने पर उसके संपर्क में आने वाले परिवार के सभी सदस्यों को भी दवा खिलाई जाएगी, ताकि उन्हें क्षय रोग का संक्रमण होने का किसी तरह का खतरा न बन सके। अगर परिवार के किसी सदस्य में क्षय रोग के लक्षण है तो उसकी जांच कराई जाएगी। इससे क्षय रोग के संक्रमण के प्रसार पर रोक लग सकेगी। जिला कार्यक्रम प्रबंधक राहुल त्यागी ने बताया शासन की नई गाइड लाइन है कि क्षय रोगी मिलने पर उसके संपर्क में आने वाले परिवार के सभी सदस्यों को दवा खिलाई जाएगी ताकि संक्रमण का फैलाव न हो सके। अभी तक परिवार में छह साल तक के बच्चे केा दवा खिलाई जाती थी।
क्षय रोग के लक्षण
- तीन सप्ताह से ज्यादा समय तक खांसी रहना।
- सीने में दर्द रहना।
- शरीर में कमजोरी व थकान होना।
- बुखार होना व ठंड लगना।
- वजन घटना व भूख न लगना।
- रात में पसीना ज्यादा आना।
बचाव
- ज्यादा भीड़-भाड़ वाले स्थान पर ज्यादा समय बिताने से बचे।
- खांसते, छींकते व हंसते समय मुंह को रुमाल आदि से ढक ले।
- क्षय रोगी के संपर्क में आने से बचे।
- भीड़ वाले स्थानों पर फेस मास्क लगाए।
- लक्षण नजर आने पर जांच कराएं।
- क्षय रोग की पुष्टि होने पर नियमित रूप से दवा ले।