कैराना। पत्नी को आत्म हत्या के लिए उकसाने के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश रेशमा चौधरी ने मुजरिम पति गौरी शंकर निवासी झिंझाना को पांच वर्ष के कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक पुंडीर ने बताया कि 20 मई 2010 को झिंझाना के मोहल्ला कानूनगो निवासी एक महिला ने मिट्टी का तेल डाल कर अपने आप को आग लगा ली थी। अगले दिन 21 मई को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में महिला की मृत्यु हो गई थी। मरने से पूर्व महिला ने बयान दिया था कि उसके पति पर कर्जा हो गया था। जिस पर उसके पति ने कहा था कि अपने मायके से 50 हजार रुपये लाकर दे। रुपये नहीं मिलने पर पति ने कहा कि मैं मर जाऊंगा, मेरे बच्चो का ख्याल रखना। जिसके बाद उसने स्वयं को आग लगा ली। मृतका के भाई मनोज ने झिंझाना थाने पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाह पेश किए गए।
बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद दोष सिद्ध पाए जाने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश रेशमा चौधरी ने मुजरिम गौरी शंकर निवासी झिंझाना को पांच वर्ष के कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अवैध हथियार व रंगदारी के मुजरिम को सजा सुनाई
कैराना। अवैध हथियार के साथ पकड़े जाने व रंगदारी मांगने के मामले में सिविल जज सिनियर डिविजन/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय वर्मा ने मुजरिम द्वारा कोर्ट में अपना जुर्म स्वीकार करने पर मुजरिम को जेल में बिताई अवधि के कारावास व चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
कोर्ट मोहर्रिर सुभाष चंद ने बताया कि 2012 में गढ़ीपुख्ता पुलिस ने रवि उर्फ टिल्लू निवासी गांव मालेंडी को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया था। 2015 में भी रवि के विरुद्ध गढ़ीपुख्ता थाने पर रंगदारी का मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मुकदमा सिविल जज सीनियर डिविजन/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय वर्मा की अदालत में चल रहा था। मुकदमे के ट्रायल के दौरान मुजरिम रवि ने कोर्ट में अपना जुर्म स्वीकार करते हुए क्षमा याचना की थी। बृहस्पतिवार को सिविल जज सीनियर डिविजन/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय वर्मा ने मुजरिम रवि उर्फ टिल्लू को जेल में बिताई अवधि के कारावास व चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।