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संस्कार और संस्कृति का प्रतीक है हिंदी

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शामली में रॉक गोल्ड एकेडमी में आयोजित हिंदी दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करती छात्र-छा - फोटो : SHAMLI
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संस्कार और संस्कृति का प्रतीक है हिंदी
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शामली। शहर के शिक्षण संस्थानों में बुधवार को हिंदी दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शिक्षक संस्थानों में गोष्ठी और विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। हिंदी को संस्कारों व संस्कृति का प्रतीक बताया गया।
बीएसएम स्कूल में हिंदी दिवस पर सुबह विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा पर अपने विचार प्रस्तुत कर अपने हिंदी प्रेम को दर्शाया। हिंदी विभागाध्यक्ष सीमा शर्मा ने हिंदी का महत्व बताया। इस मौके पर नर्सरी से कक्षा तीन तक कविता प्रतियोगिता, कक्षा चार से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए कहानी प्रतियोगिता और नौ से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों के लिए हिंदी के प्रख्यात लेखकों के विषय में जानकारी देते हुए निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्कूल चेयरमैन सूर्यवीर सिंह व मैनेजर छाया सिंह ने कहा कि हिंदी संस्कारों व संस्कृति का प्रतीक है। प्रधानाचार्य राहुल चौधरी ने कहा कि हिंदी विश्व की सबसे प्राचीन सरल व समृद्ध भाषाओं में से एक है।
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स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल शामली की प्रधानाचार्य आशु त्यागी और शिक्षकों ने हिंदी के प्रचार-प्रसार और महत्व बताया। इस मौके पर निबंध लेखन, कविता लेखन और हिंदी स्लोगन लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित कराई गईं। छात्राओं ने लघु नाटिका भी प्रस्तुत कीं। हिंदी शिक्षक राजीव तोमर, उपेंद्र गौतम ने अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत की। इस अवसर पर सभी शिक्षक मौजूद रहे।
आरके पीजी कॉलेज के सभागार में हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. सत्येंद्र पाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम संयोजक डॉ.चारू गोयल ने हिंदी दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। छात्र-छात्राओं ने कविता, भाषण प्रतियोगिताओं में बढ़चढ़ कर भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. आरपी सिंह, डॉ. केपी सिंह, डॉ. रजनी रानी, डॉ. मनोज बालियान, डॉ. गीता देवी आदि मौजूद रहे।
वीवी पीजी कॉलेज में हिंदी दिवस पर भाषण, गीत व कविता प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. सुधीर कुमार ने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के ज्ञान को बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर तनुश्री धीमान, खुशी, मानवी, सरवर, सागर, परवेज आदि लोग मौजूद रहे।
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जूनियर हाई स्कूल शामली में हिंदी दिवस को विद्यार्थियों और शिक्षकों ने गीत, भाषण और कविताओं के माध्यम से मनाया। प्रधानाचार्य संजय सैनी व मुख्य वक्ता आचार्य प्रवेश शर्मा, सविता गुप्ता, सुनील कुमार, रविंद्र कुमार, आशीष जैन, सुधीर कुमार आदि मौजूद रहे।
श्री सत्यनारायण शिशु मंदिर रेलवे रोड शामली में हिंदी दिवस पर कक्षा प्री- प्राइमरी से पंचम के छात्र-छात्राओं की सुलेख प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस अवसर पर सभी शिक्षक व शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
द गोल्ड पब्लिक स्कूल कांधला में निबंध, वाद-विवाद, पोस्टर व भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्कूल चेयरमैन कृष्णपाल, प्रधानाचार्य अजय कुमार, कोऑर्डिनेटर महिमा शर्मा ने हिंदी का महत्व बताया।
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मातृभाषा के मूल्य को समझना जरूरी
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में मुख्य वक्ता प्रीतम सिंह ने हिंदी को विश्व की वैज्ञानिक भाषा बताया। प्रधानाचार्य आनंद प्रसाद शर्मा ने बताया कि आज ही के दिन हिन्दी को संवैधानिक रूप से भारत की आधिकारिक भाषा का दर्जा मिला था। हिंदी हमारी मातृभाषा है और हमें इसके मूल्य को समझना चाहिए। रॉक गोल्ड पब्लिक स्कूल, श्री सत्यनारायण इंटर कॉलेज में हिंदी दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। हिंदू कन्या इंटर कॉलेज शामली में प्रधानाचार्य दीपाली गर्ग ने छात्राओं से कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है। हम सबको इसका सम्मान करना चाहिए। इस अवसर पर मीना कुमारी, रेणुका शर्मा, इंदू आर्य, सविता, संकगीता, पूनम, मधुबाला, अनिता आदि मौजूद रहीं।

शामली में वीवी डिग्री कॉलेज में आयोजित हिंदी दिवस के कार्यक्रम में भाग लेती छात्राएं।- फोटो : SHAMLI

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