शामली। डीएल बनवाने वाले चालकों और परिवहन विभाग के अधिकारियों के लिए खुशखबरी है। जल्द ही हाईटेक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर टेस्ट लिया जा सकेगा। इसके लिए एआरटीओ कार्यालय के पास ही स्वचालित हाईटेक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनाया जाएगा। जिसके लिए एक कंपनी ने आवेदन किया है। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
अभी तक परिवहन विभाग के कार्यालय में चालकों का लाइसेंस मैनुअल तरीके से गाड़ी चलवाकर जारी किया जाता है। इसमें कई अप्रशिक्षित लोगों के भी लाइसेंस बन जाते हैं। ये कई बार हादसों का कारण भी बनते हैं। इससे बचने के लिए परिवहन मुख्यालय ने जिले में स्वचालित ड्राइव ड्राइविंग टेस्टिंग टैंक बनाने के निर्देश दिए थे। ट्रैक बनाने से लेकर संचालन की जिम्मेदारी प्राइवेट कंपनी को दी जाएगी। विभाग ने इसके लिए आए आवेदन की जांच शुरू कर दी है। जल्द ही कंपनी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
ट्रैक की खास बात यह है कि वाहनों की जांच भी हाईटेक तकनीक से होगी। जिसमें वाहन के प्रदूषण की जांच से लेकर हार्न, लो बीम और हाई बीम की पड़ताल की जाएगी। इतना ही नहीं, टायरों की क्वालिटी और बेहतरी को भी विभिन्न मशीनों के जरिए परखा जाएगा। ट्रैक कैमरों और सैंसरों से भी लैस होगा। चालक की जरा सी गलती को सेंसर पकड़ लेंगे।
जल्द ही जिले में हाईटेक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनाया जाएगा। जिसके लिए एक कंपनी ने आवेदन किया किया है। जांच की जा रही है। हाईटेक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनने के बाद वाहनों की जांच हाईटेक तरीके से की जा सकेगी। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
- रोहित राजपूत, एआरटीओ शामली