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Shamli News: आबादी के बीच से निकल रहे भारी वाहन, हादसों का बना खतरा

Mon, 11 Mar 2024 01:07 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली/गढ़ीपुख्ता/झिंझाना/थानाभवन। झिंझाना में एक सप्ताह पहले ओवरलोड गन्ने से लदे ट्रक के पलटने से एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने दिन के समय ओवरलोड वाहनों पर कस्बों व शहरों के बीच से निकालने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी ओवरलोड वाहन दिन में भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने परिवहन विभाग के साथ अभियान चलाकर कार्रवाई करने की कार्य योजना बनाई थी, लेकिन कार्रवाई न होने के कारण जिले में सड़कों पर ओवरलोड वाहन बेलगाम दौड़ रहे हैं।
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स्थान- बुढ़ाना मार्ग
शहर में बुढ़ान मार्ग पर दिन के समय भी गन्ने के ओवरलोड वाहन गुजरते हैं। शहर के बीच से ओवरलोड गन्ने के वाहनों के निकलने के कारण दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है, लेकिन उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है।

स्थान-झिंझाना में बिड़ौली बस स्टैंड
कस्बा झिंझाना में एक सप्ताह पहले हुए हादसे के बाद दिन के समय भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा रखी है। इसके बाद भी भारी वाहन कस्बे के बीच से होकर निकल रहे हैं। रविवार को दोपहर बाद भी भारी वाहन कस्बे के बीच से बिड़ौली बस स्टैंड होते हुए ऊन की तरफ जाता हुआ दिखाई दिया, लेकिन उसे रोकने टोकने वाला कोई नहीं था।
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स्थान: गढ़ीपुख्ता-शामली मार्ग
गढ़ीपुख्ता में बस स्टैंड के पास से शामली की तरफ से गन्ने से लदा ओवरलोड ट्रक कस्बे के बीच से होकर गुजरा। पूर्व में भी गन्ने से लदे ओवरलोड ट्रकों को रोकने के लिए किसानों द्वारा बुग्गी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया गया था, लेकिन प्रशासन व एआरटीओ विभाग के अधिकारियाें पर कोई असर नहीं हुआ था। किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ऑनलाइन जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत कर चुके हैं। क्षेत्र से क्रय केंद्र से गन्ने को मानक क्षमता से अधिक ट्रकों में लादकर नागरिकों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। ओवरलोड में ऊपर तक गन्ने लदे होने से बस स्टैंड पर कई बार बिजली के तारों में भी उलझ जाते हैं, जिससे पूर्व में कई बार दुर्घटना होने से बची है।
रात में निकलते हैं ओवरलोड वाहन
रात हो या दिन ओवरलोड वाहनों का सड़क पर चलना नियम विरुद्ध है। आबादी के बीच में दिन में भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक है। इसलिए रात के समय भारी वाहन शहर व कस्बों के बीच से निकलते हैं। लेकिन देखने में आता है कि ज्यादातर वाहन ओवरलोड माल से लदे होते हैं, जिनसे दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। सबसे ज्यादा गन्ने से लदे ओवरलोड वाहन होते हैं। थानाभवन में भी रात को गन्ने से लदे ओवरलोड ट्रक व ट्रैक्टर-ट्राला निकलते हुए मिले।
झिंझाना में एक सप्ताह पहले हुआ था हादसा
कस्बा झिंझाना में एक सप्ताह पहले दो मार्च की शाम को ऊन मार्ग पर गन्ने से लदा ओवरलोड ट्रक अचानक पलट गया था। ट्रक के नीचे दबकर गांव लपराना निवासी जोनी कश्यप के 18 वर्षीय पुत्र अजय, 10 वर्षीय पुत्री जानवी और 60 वर्षीय मां विद्या देवी की मौत हो गई थी, जबकि जोनी की पत्नी संगीता और उनके पड़ोस की 12 वीं की छात्रा पायल घायल हुई थी। इस हादसे के दो दिन बाद पुलिस-प्रशासन ने कस्बे के दोनों तरफ चेतावनी बोर्ड लगाते हुए दिन में कस्बे में भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी। साथ ही पुलिस व एआरटीओ विभाग ने मिलकर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने की कार्य योजना बनाई थी, लेकिन ओवरलोड वाहन सड़कों पर खूब दौड़ रहे हैं।

जिले में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जहां पर भी गन्ने से लदे या अन्य सामान से लदे ओवरलोड ट्रक या अन्य वाहन पाए चलते पाएं जाएंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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- रोहित राजपूत, एआरटीओ शामली
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