शामली। होटल मालिक शिवकुमार उर्फ गुड्डन कांबोज पर पूर्व में करीब 13 साल पहले दो बार फायरिंग हुई, जिसमें गोली लगने से वह घायल हुए। उस समय उनकी जान बच गई थी।
शामली निवासी शिवकुमार उर्फ कांबोज प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य भी कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक करीब 13 साल पहले शामली में बुढ़ाना रोड पर जब वे बाइक से जा रहे तो उन पर फायरिंग की गई, जिसमें वे गोली लगने से घायल हो गए। इसके करीब एक सप्ताह बाद वह कार से अपने दो अन्य साथियों के साथ मुजफ्फरनगर गए थे। वहां पर भी उन पर फायरिंग हुई, जिसमें वे घायल हुए थे। दोनों बार हुए जानलेवा हमले में उनकी जान बच गई थी।
पुलिस के मुताबिक शिवकुमार की दो शादी हुई थी। पहली पत्नी मिथलेश के तीन पुत्र सोनू, रवि व मोहित है। दूसरी पत्नी आस्था से एक पुत्र व एक पुत्री है। पहली पत्नी और तीनों पुत्र कैराना रोड पर होटल में बने आवास में रहते हैं जबकि आस्था अपने बच्चों के साथ पीछे की तरफ शिव विहार में रहती है। दोनों बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं पहली पत्नी से बेटा सोनू होटल व धर्मकांटा चलाता है, जबकि रवि व मोहित गाड़ियों की वर्कशॉप व स्पेयर पार्ट्स का शोरूम चलाते हैं।
गमगीन माहौल में हुआ शव का अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद शिवकुमार का शव पहले शिव विहार स्थित आवास पर एंबुलेंस से ले जाया गया। इसके बाद कैराना मार्ग पर शव को लाया गया। गमगीन माहौल में शव का श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। शव को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बना रहा।
पुरानी रंजिश में हत्या
मृतक पर पूर्व में आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। पुलिस इस बिंदू पर भी जांच कर रही है कि क्या किसी पुराने विवाद में उनकी हत्या तो नहीं की गई।
पारिवारिक विवाद
हालांकि पुलिस की जांच में अभी तक पारिवारिक विवाद संंबंधी ऐसा कुछ मामला सामने नही आया है। फिर भी पुलिस परिवार के लोगों से बातचीत कर पारिवारिक स्थिति के बिंदू पर भी जांच कर रही है।
थोड़ी दूर जाने पर ही भटक गया डॉग स्कवायड
पुलिस को डॉग स्कवयाड से भी मदद नहीं मिल सकी। डॉग स्कवयाड घटनास्थल पर कुछ दूरी पर जाने के बाद ही भटक गया। जिसके कारण उन्हें हत्यारों की दिशा के बारे में जानकारी हासिल नहीं हो पाई।
हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। इनमें प्रॉपर्टी, होटल व्यवसाय व आसपास के जनपद में हुए में पूर्व विवाद आदि के बारे में जानकारी की जा रही है। जांच के बाद ही हत्या का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
- संतोष कुमार सिंह, एएसपी
2010 के बाद कोई मामला दर्ज नहीं
कोतवाली प्रभारी के मुताबिक 1995 में शहर कोतवाली में आर्म्स एक्ट का पहला मामला दर्ज किया था। 2010 के बाद कोतवाली में शिवकुमार के विरुद्ध कोई मामला दर्ज नहीं है।
हत्या करने वाले हो सकते हैं शॉर्प शूटर
शिवकुमार उर्फ गुड्डन कांबोज की हत्या करने वाले शॉर्प शूटर हो सकते हैं। पुलिस का मानना है कि हत्या में एक ही पिस्टल का इस्तेमाल हुआ है। जिस तरह से गोलियां लगी है, उससे पुलिस अंदाजा लगा रही है कि पहले पीछे से गोली मारी गई जो उनकी पीठ में लगी। पीठ में गोली लगने पर जैसे ही वे नीचे गिरे होंगे। इसके बाद हत्यारों ने उन पर फायरिंग की, जिसमें सिर, ठोड़ी के नीचे, कंधे पर गोली लगी। ठोड़ी के नीचे लगी गोली आंख को चीरते हुए बाहर निकलने का अंदेशा जताया गया। एएसपी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही सही स्थिति का पता चल सकेगा। घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी अभी तक सामने नहीं आया है। नहर पटरी पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में भी कोई संदिग्ध नजर नहीं आया।
शामली में कैराना रोड यमुना नहर पटरी पर घटनास्थल की जांच करती फोरेंसिक टीम । संवाद