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Shamli News: एक परिवार में दो श्रेणी के राशन कार्ड से हड़प रहे सरकारी खाद्यान्न

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- अंत्योदय कार्ड यूनिट में खेल, पात्र गृहस्थी में बनवा रहे कार्ड
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-जनपद में 14765 है अंत्योदय कार्ड, परिवार में शादी होते ही बनवा दिया जा रहा है अलग कार्ड
-कोटेदार व पूर्ति विभाग की मिलीभगत से चल रहा खेल, दो साल में बन चुके है 1000 से अधिक कार्ड
-अंत्योदय कार्ड पर मिलता है 35 किलो राशन, पात्र गृहस्थी पर प्रति यूनिट मिलता है पांच किग्रा राशन
दीपक गुप्ता
शामली। जिले में एक परिवार में दो श्रेणी के राशन कार्डों से सरकारी खाद्यान्न हड़पा जा रहा है। अंत्योदय कार्ड धारक अधिकतर परिवारों में दो श्रेणी के कार्ड बनवाए जा रहे है। जिले में दो साल में ऐसे करीब एक हजार से अधिक कार्ड बन चुके है। फिर भी अंत्योदय कार्डों की संख्या कम नहीं हो रही है।
पूर्ति विभाग के कर्मियों और राशन डीलरों की मिलीभगत से अंत्योदय राशन कार्ड में गड़बड़ी की जा रही है। परिवार के किसी सदस्य की शादी होने पर दूसरा कार्ड पात्र गृहस्थी का बनवाया जा रहा है। लेकिन जिम्मेदारों ने आंखें बंद कर रखी हैं। जनपद शामली में 205690 राशन कार्ड धारक ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में है। इनमें से अंत्योदय कार्ड धारक ग्रामीण क्षेत्र में 12558 व शहरी 2207 है। इनमें से ज्यादातर में यूनिटों की संख्या कम हैं। संवाद
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इस तरह ले रहे हैं फायदा
अंत्योदय कार्डों में यूनिट का कोई महत्व नहीं होता। कार्ड में चाहे एक यूनिट हो या इससे अधिक कार्डधारकों को निर्धारित 35 किग्रा ही राशन मिलता है। पात्र गृहस्थी में यूनिट के आधार पर राशन मिलता है। कार्ड धारकों को प्रति यूनिट पांच किग्रा राशन दिया जाता है। इसलिए पात्र गृहस्थी में जितने यूनिट होंगे उसी आधार पर खाद्यान्न मिलेगा। आपूर्ति विभाग के कर्मियों की मिलीभगत से राशन डीलर अंत्योदय कार्ड में सिर्फ एक या दो यूनिट ही दर्ज कराते हैं। जबकि घर के अन्य लोगों के नाम पात्र गृहस्थी कार्ड बनवाया जाता है। जिससे उन्हें दोनों तरफ से फायदा पहुंचता है।
एक तरफ 35 किग्रा तो राशन फिक्स मिलता ही है। पात्र गृहस्थी में यूनिट के आधार पर खाद्यान्न को लेकर कालाबाजारी करते हैं और तगड़ी कमाई करते हैं। जिसका विभाग की ओर से न तो सत्यापन किया जाता है और न ही कार्ड निरस्त किया जाता है। विभाग के अधिकारी यह भी नहीं देखते है कि अंत्योदय कार्ड से लगातार नाम कम और पात्र गृहस्थी में बढ़ क्यों रहे है, और इसके पीछे क्या कारण है।
अधिकांश राशन दुकानों में चल रहा है यह खेल
जनपद में कुल राशन दुकानों की संख्या 440 है। अधिकांश दुकानों में यूनिट को लेकर ऐसा ही खेल चल रहा है। राशन डीलर अंत्योदय कार्डधारकों के यूनिट पात्र गृहस्थी के लाभार्थियों में जोड़ कर राशन की कालाबाजारी करते हैं। अंत्योदय में यूनिट के हिसाब से राशन नहीं मिलता, बल्कि 35 किग्रा ही मिलता है। इसलिए उनके यूनिट दूसरे कार्डधारकों में राशन डीलर जोड़कर राशन हड़प जाते हैं। जिसका नाम अंत्योदय राशन कार्ड में शामिल था ,उसके नाम का पात्र गृहस्थी कार्ड बना दिए गए।
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परिवार में अधिक सदस्य हो जाने के कारण अंत्योदय कार्ड से नाम कटवाकर बेटे की पत्नी के नाम से राशन कार्ड बनवा लेते है। पहले ऐसे काफी मामले आए थे, लेकिन अब ऐसा कोई मामला नहीं आ रहा है। यदि कोई ऐसा मामला है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।- राजेश सोनी जिला पूर्ति अधिकारी

नगरीय क्षेत्र कस्बा- पात्र गृहस्थी- अंत्योदय



एलम- 1147- 155



बनत- 2346- 153



गढीपुख्ता- 1159- 43



जलालाबाद- 3046- 529



झिंझाना- 2571- 75



कैराना- 12983- 476



कांधला- 6097- 147



शामली- 15283- 234



थानाभवन- 5473- 201



ऊन- 1964- 194



कुल- 52069- 2207







ग्रामीण क्षेत्र



ब्लॉक- पात्र गृहस्थी- अंत्योदय



कैराना- 29545- 3071



कांधला- 28236- 918



शामली- 21352- 3145



थानाभवन- 37634- 1901



ऊन- 36854- 3523



कुल- 153621- 12558
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