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Shamli News: सरकार रखेगी भजन कीर्तन मंडली का ब्यौरा, करेगी प्रोत्साहित

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- सूचना विभाग में कराना होगा पंजीकरण, सूचना विभाग भेजेगा संस्कृति मंत्रालय को सूची
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- प्रदेश में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने पर सरकार देगी जोर, पंजीकरण कराने के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अब सरकार ने भजन कीर्तन मंडली को अपना पंजीकरण कराने की तरफ ध्यान देना शुरू कर दिया है। इससे पता चलेगा कि किस जनपद में कितनी-कितनी मंडली भजन संध्या में हिस्सा लेती है। पंजीकरण के बाद सरकार उनको प्रोत्साहित भी करेगी, ताकि उनको बढ़ावा दिया जा सके। इसके लिए सूचना विभाग में अपना पंजीकरण कराना होगा और उसके बाद सूचना विभाग संस्कृति मंत्रालय को यह सूची भेज देगा।
पिछले कई दशक से भजन कीर्तन मंडली विलुप्त होती जा रही है, क्योंकि सरकार का ध्यान भी इस तरफ नहीं था। लेकिन अब प्रदेश सरकार ने भजन कीर्तन मंडली को बढ़ावा देने के लिए कदम आगे बढ़ाया है। सरकार के पास किसी भी जनपद की भजन कीर्तन मंडली का ब्यौरा तक नहीं था, जिससे लोक नृत्य, भजन कीर्तन, भारतेंदु नाटक अकादमी आदि कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो पाता था। अब भजन मंडली का ब्यौरा रखने के लिए पहल शुरू हो गई है।
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प्रदेश के सभी मुख्य विकास अधिकारियों को भेजे पत्र में भजन कीर्तन मंडली को जागरूक कर उनका पंजीकरण कराने के आदेश दिए है। इनको अपना पंजीकरण जिला सूचना विभाग कार्यालय में कराना होगा और वहां पंजीकरण होने के बाद सूची को संस्कृति मंत्रालय को भेजा जाएगा। सूची वहां पहुंचने के बाद संस्कृति मंत्रालय मंडली को पांच हजार रुपये तक प्रोत्साहित राशि भी देगा। इसके अलावा सरकारी कार्यक्रम, स्कूल-कालेजों में होने वाले भजन कीर्तन में भी उनको प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि भारतीय संस्कृति को जिंदा रखा जा सकें। भजन कीर्तन मंडली का पंजीकरण होने के बाद सरकार इनकी तरफ ओर अधिक ध्यान देगी। मुख्य विकास अधिकारी शंभूनाथ तिवारी ने बताया कि भजन मंडली को आगे बढ़ाने के लिए पंजीकरण कराया जा रहा है और सरकार उनको समय-समय पर सम्मानित भी करेगी।
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