संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मछली पालन करने वाले पट्टेधारियों को अब सरकार 40 फीसदी अनुदान देगी। इससे मछली पालन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने मछली पालन करने वालों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना लागू की है।
योजना के तहत, ग्राम सभा और अन्य पट्टे के तालाबों में प्रथम वर्ष इकाई लागत चार लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के निवेश पर मछली पालकों को 40 फीसदी का अनुदान दिया जाएगा। मत्स्य बीज बैंक की स्थापना के लिए भी 40 फीसदी का अनुदान सरकार की ओर से दिया जाएगा। इससे पट्टाधारकों को राहत मिलेगी। सहायक निदेशक मत्स्य राजेलाल ने बताया कि योगी सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की तरह प्रदेश में मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना शुरू की है।
योजना में मनरेगा योजना और पट्टाधारक की ओर से स्वयं अथवा अन्य विभागों के माध्यम से सुधारे गए ग्रामसभा के तालाबों में प्रथम वर्ष निवेश अथवा मत्स्य बीज बैंक स्थापना के लिए मत्स्य बीज स्थान, फ्राई, आहार, जलापूर्ति, संसाधन, जाल, दवाई आदि क्रय करने पर आवेदक को इकाई लागत चार लाख रुपये प्रति हेक्टेयर पर 40 फीसदी अनुदान मत्स्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के लिए आवेदन विभागीय वेबसाइट पर सात से 16 फरवरी के बीच कर सकते हैं। स्पष्ट किया कि तालाब के पट्टा की अवधि कम से कम चार वर्ष शेष रहा हो। आवेदक मछली पालन पर 60 फीसदी अपना धन निवेश करेंगे। अधिक जानकारी विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। मुजफ्फरनगर विकास भवन स्थित सहायक निदेशक कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है।