-गन्ना लदे वाहनों का सड़क पर था कब्जा, लोग हो रहे थे परेशान
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शामली। गन्ना लदे वाहनों से आखिरकार छह दिन बाद शहर के लोगों को निजात मिल ही गई। छह दिन तक गन्ने के वाहनों का शहर की सड़कों पर कब्जा रहा, जिससे वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
जिले की थानाभवन और ऊन चीनी मिल का पेराई सत्र समाप्त हो चुका है। अपर दोआब चीनी मिल का पेराई सत्र अंतिम दौर में है। बारिश के कारण नोकेन हुई शामली चीनी मिल के प्रबंधन ने मौसम साफ होने के बाद किसानों को ज्यादा इंडेंट जारी कर दिया था। इसके बाद मंगलवार को मिल में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके कारण गन्ना लेकर आए वाहनों की वजह से भीषण जाम लग गया। तब से रविवार सुबह तक शहर की सड़कों पर गन्ने के वाहनों का कब्जा रहा, जिसकी वजह से वाहन चालकों को समस्या का सामना करना पड़ा। रविवार दोपहर तक गन्ना लदे वाहन सड़कों से हटे तो जाम से मुक्ति मिली। जाम के कारण पिछले कई दिन से व्यापारियाें को नुकसान झेलना पड़ा। वहीं जाम के कारण ग्राहकों ने बाजार आने से परहेज ही किया। ऐसे में पउप्र संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग के नेतृत्व में व्यापारियों ने डीएम रविंद्र सिंह से मिलकर प्रतिष्ठानों की चाबी उन्हें सौंपने की पेशकश कर दी थी।
व्यापारियों का कहना था कि इस पेराई सत्र में शामली शुगर मिल आए दिन तकनीकी खराबी की समस्या से बंद होती रही, जिसके चलते बार-बार शहर के लोगों को जाम की समस्या झेलनी पड़ी। अब कई दिन से जाम के कारण ग्राहक शहर में आने से बच रहे हैं, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है। इस समस्या के निस्तारण की मांग प्रशासन के सामने रखी जा चुकी है, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। उधर, डीएम ने समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दिया था। रविवार को जाम समाप्त होने के बाद व्यापारियों और शहर के लोगों ने राहत की सांस ली है।